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सोनू हत्याकांड- प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप, यू पी सरकार से मांगे, RPSS की टीम पहुंची मृतक पत्रकार सोनू के परिजनों से मिलने।

यू पी के कई शहरों से पत्रकार सहायता संघ के पदाधिकारी हाथरस पहुंचकर मिले मृतक सोनू शर्मा के परिजनों से , प्रशासन से रखी मांगे।

हाथरस,

राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ की टीम हाथरस के मृतक सोनू शर्मा पत्रकार के परिजनों से जाकर मिली। सभी पदाधिकारियों ने सोनू  के घर पहुंचकर सबसे पहले सोनू की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौंधारण किया। फिर सोनू के दुखी परिजनों से एक एक करके सभी से बात की और पूरी बारदात को बारीकी से जाना। RPSS के सभी पदाधिकारियों ने परिजनों की व्यथा सुन रोष व्याप्त किया । और परिजनों को धीरज बंधाया उसके बाद परिजनों की सरकार व प्रशासन से  मांगों को लेकर RPSS की टीम ने हाथरस के एस पी को ज्ञापन सौंपा।


क्या है सोनू शर्मा हत्याकांड मामला ?

सोनू शर्मा हाथरस के रहने वाले एक कर्मष्ठ, जुझारू,ईमानदार और अपनी कलम से सच्चाई को उजागर करने वाले एक सच्चे पत्रकार थे। बताया जाता है कि सोनू ने कुछ दबंगों के खिलाफ खबर चलाई और उनके काले कारनामों को उजागर किया था। जानकारी यह भी मिली है कि जिन हत्यारों ने सोनू की निर्मम हत्या की है उनका एक गिरोह है जो गरीबो की जमीन पर अबैध कब्जा करता है। इन सभी कालेकारनामों का पर्दाफाश करने के लिए इस ईमानदार सिपाही ने अपनी कलम उठाई । और दबंगों के कृत्यों को उजागर करने का बीड़ा उठाया  । लेकिन हत्यारों को इसकी भनक लगी और सोनू को मारने के लिए अपना जाल बिछा दिया। इन हत्यारों ने एक रणनीति के तहत पहले सोनू को अगवा किया मारा पीटा प्रताड़ित किया उसके बाद हत्यारों ने सोनू को मौत के घाट उतार दिया और हत्यारों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से सोनू के शव को गंदे नाले में फेंक 

दिया।


जब शव को स्थानीय लोगों ने देखा तो-

नाले में पड़े सोनू के शव को स्थानीय लोगों ने देखा तत्काल पुलिस को सूचना दी ,सूचना पर तत्काल पुलिस पहुंची और सोनू के शव को नाले से बाहर निकाला। जब यह पता चला कि ये पत्रकार सोनू का शव है तो परिजनों को सूचना दी गई । जब परिजनों ने यह सुना कि हमारे घर को चलाने वाला इकलौता सदस्य सोनू अब इस दुनियां में नहीं रहा तो पैरों तले जमीन खिसक गई और रोते बिलखते परिजन घटना स्थल पर पहुंचे । फिर पुलिस ने सोनू के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।



परिजनों की थाने में दी गई लिखित तहरीर को क्या पुलिस ने हल्के में लिया?

पीड़ित परिजनों ने सोनू की हत्या के मामले की लिखित तहरीर स्थानीय थाने में दी। और आरोपियों को गिरफ्तारी की गुहार लगाई । लेकिन पुलिस एक्टिव नहीं हुई मामले को हल्के में ले लिया। परिजनों ने बताया कि फाफी दिनों तक पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया जिससे परिजन और भी परेशान हो गए।

फिर RPSS सोनू हत्या कांड को सुनते ही एक्शन मोड़ में आया और प्रशासन को जगाया तब कहीं जाकर कुछ हत्या में संलिप्त अपराधियों को गिरतार किया। अब फरार आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग RPSS ने प्रशासन से की है।

सोनू की हत्या को लेकर परिजनों के पुलिस पर गम्भीर आरोप।

परिजनों ने पुलिस पर सीधे आरोप लगाए हैं कि अगर पुलिस चाहती तो सोनू की हत्या ना होती क्योंकि सोनू ने पुलिस थाने में कई बार लिखित शिकायत की कि मेरी जान को खतरा है ये लोग मुझे मार डालेंगे लेकिन पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। अगर पुलिस उसी समय संज्ञान लेती तो शायद सोनू आज हमारे बीच होते। इस पर पुलिस की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। परिजनों ने पुलिस द्वारा की गई लापरवाही की जांच कर कार्यवाही की मांग की है।


सोनू ही परिवार को चलाने वाले एकमात्र व्यक्ति थे।

सोनू का परिवार एक सभ्य परिवार है जिसमें एक विधवा बहिन की स्थिति तो ऐसी है कि सुनकर सोच में पड़ जाएंगे। बेचारी विधवा बहिन जिसके छोटे बच्चे हैं उसका सब कुछ उजड़ गया ससुराल में कोई नहीं बचा। इसलिए अपना जीवन यापन करने के लिए अपने मायके ही रह रही थी जिसका खर्चा व देखभाल की जिम्मेदारी सोनू के ही ऊपर थी। बाकी अन्य परिजनों की जिम्मेदारी सोनू के ही ऊपर निर्भर थी। अब सोनू के जाने के बाद परिवार का सब कुछ उजड़ गया। अब कोई परिवार चलाने वाला जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है परिवार का एक लाल था वो भी हत्यारों ने निगल लिया।


परिजनों की प्रशासन से मांग।

परिजनों के अनुसार हत्यारों से पूरा परिवार डरा हुआ है। और परिवार के प्रत्येक व्यक्ति को जानमाल का खतरा है । ऐसी स्थिति में प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। और परिजनों ने सरकार से आर्थिक मदद की भी मांग की है जिससे कि परिवार का भरण पोषण हो सके जिससे कि सोनू की कमी महसूस ना हो। और जिन हत्यारों ने सोनू को मौत दी है उन हत्यारों को फांसी की सजा होनी चाहिए। 

क्या सरकार व प्रशासन उठाएगा कोई ठोस कदम।

प्रशासन अब वही गलती दोवारा ना दोहराए जो पहले के चुका है जब सोनू के अवगत कराने के बाद भी पुलिस निष्क्रिय बनी रही। और सोनू की हत्या कर दी गई। सरकार व प्रशासन को ठोस कदम उठाना होगा और सोनू के हत्यारों को वो सजा देनी होगी जिससे कि दोवारा किसी पत्रकार पर हमला करने का कोई दुस्साहस ना करे।

RPSS ने SIT, CBI टीम द्वारा इस केश जांच कराई जाए ताकि इस केश के पीछे छिपी साजिश का पर्दाफाश हो सके ऐसी मांग रखी है। और RPSS संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी हत्यारो की गिरफ्तारी होकर सजा नहीं मिल जाती हम शांत नहीं बैठेंगे।