17 फरवरी से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे शिक्षक,लोकतांत्रिक तरिके से हमें लड़ना है ।
17 फरवरी से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे शिक्षक,लोकतांत्रिक तरिके से हमें लड़ना है ।
ताजपुर /मोरवा /समस्तीपुर। शिक्षक समन्वय समिति के सदस्यों ने बुधवार को लसकारा संकुल संसाधन केंद्र पर पहुँचकर आगामी 17 फरवरी से होनेवाली अनिश्चित कालीन हड़ताल को लेकर नियोजित व नियमित शिक्षकों से अपील करते समन्वय समिति के सदस्यों में रामचंदर राय,सुमन कुमार झा,मो अब्बास ने कहा कि कहा कि साथियों ये लड़ाई हमारी है, ईसे हर किमत पर हमसबों को लड़ना होगा अगर आज हमसभी 5 हजार से 25 हजार का वेतन पा रहें है तो अपने संघर्षों के बदोलत ही, और आगें अगर हमें अपना भविष्य सुरक्षित करना है तो संघर्ष करना ही होगा, अगर आज हमसभी सरकार कि धमकियों से पिछें हट गए तो हमें हमारा भविष्य कभी माफ नहीं करेगा, साथियों ऐसा मौका हमें फिर नहीं मिलनेवाला है,
सरकार हमारे आंदोलन से डर चुकी है, वो हमें डराकर तोड़ना चाह रही है ,सोचना हमसबों को है कि हमें डरकर अपने आंदोलन से पिछें हटना है, या ईस तानाशाही सरकार के आँखों में आँखें डालकर यह बताना है कि हम तुम्हारे किसी भी फरमान से डरनेवाले नहीं है ,हमसभी अब एकजुट होकर एक मुट्ठी बन चुके है जो तुम्हारी सरकार कि नीँव तक को हिलाकर रख देंगे।
लेकिन हम यह भुल जातें है कि वैसी सुविधा पाने हेतू उन्हें कैसी लड़ाई लड़नी पड़ी 91 दिनों तक उनलोगो का आंदोलन चला, उस समय कि सरकार ने उनके आंदोलन का समायोजन नहीं किया, अपने EL से उन्हें अपना वेतन कटवाना पड़ा, तब जाकर वो आज ईस मुकाम पर है ,और हमारी सोच नाखून कटाकर शहीद होने कि बनती जा रही है।साथियों पहले संगठनों पर दोषारोपण होता था, हमसभी कहतें थे सारे संगठन एक नहीं है इसलिए हमारा आंदोलन सफल नहीं होता है ,और आज जब सारे संगठन एक होकर शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले हमारी आवाज को बुलंद कर रहें है।एकजुट होकर सरकार को लिखित रुप से हड़ताल में जाने कि सुचना दे दिया है, कोई FIR हमलोगों पर नहीं होनेवाला है , ये सरकार कि गीदड़भभकी है , हड़ताल हेतू श्रम संसाधन विभाग से पूर्व में ही समन्वय समिति द्वारा अनुमति मिल चुकी है।लोकतान्त्रिक संविधान के किसी भी धारा में लोकतांत्रिक तरिके से किये जा रहे आंदोलन पर FIR नहीं हो सकता है इसलिए डरना नहीं है हमें लड़ना है ।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
ताजपुर /मोरवा /समस्तीपुर। शिक्षक समन्वय समिति के सदस्यों ने बुधवार को लसकारा संकुल संसाधन केंद्र पर पहुँचकर आगामी 17 फरवरी से होनेवाली अनिश्चित कालीन हड़ताल को लेकर नियोजित व नियमित शिक्षकों से अपील करते समन्वय समिति के सदस्यों में रामचंदर राय,सुमन कुमार झा,मो अब्बास ने कहा कि कहा कि साथियों ये लड़ाई हमारी है, ईसे हर किमत पर हमसबों को लड़ना होगा अगर आज हमसभी 5 हजार से 25 हजार का वेतन पा रहें है तो अपने संघर्षों के बदोलत ही, और आगें अगर हमें अपना भविष्य सुरक्षित करना है तो संघर्ष करना ही होगा, अगर आज हमसभी सरकार कि धमकियों से पिछें हट गए तो हमें हमारा भविष्य कभी माफ नहीं करेगा, साथियों ऐसा मौका हमें फिर नहीं मिलनेवाला है,
सरकार हमारे आंदोलन से डर चुकी है, वो हमें डराकर तोड़ना चाह रही है ,सोचना हमसबों को है कि हमें डरकर अपने आंदोलन से पिछें हटना है, या ईस तानाशाही सरकार के आँखों में आँखें डालकर यह बताना है कि हम तुम्हारे किसी भी फरमान से डरनेवाले नहीं है ,हमसभी अब एकजुट होकर एक मुट्ठी बन चुके है जो तुम्हारी सरकार कि नीँव तक को हिलाकर रख देंगे।
लेकिन हम यह भुल जातें है कि वैसी सुविधा पाने हेतू उन्हें कैसी लड़ाई लड़नी पड़ी 91 दिनों तक उनलोगो का आंदोलन चला, उस समय कि सरकार ने उनके आंदोलन का समायोजन नहीं किया, अपने EL से उन्हें अपना वेतन कटवाना पड़ा, तब जाकर वो आज ईस मुकाम पर है ,और हमारी सोच नाखून कटाकर शहीद होने कि बनती जा रही है।साथियों पहले संगठनों पर दोषारोपण होता था, हमसभी कहतें थे सारे संगठन एक नहीं है इसलिए हमारा आंदोलन सफल नहीं होता है ,और आज जब सारे संगठन एक होकर शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले हमारी आवाज को बुलंद कर रहें है।एकजुट होकर सरकार को लिखित रुप से हड़ताल में जाने कि सुचना दे दिया है, कोई FIR हमलोगों पर नहीं होनेवाला है , ये सरकार कि गीदड़भभकी है , हड़ताल हेतू श्रम संसाधन विभाग से पूर्व में ही समन्वय समिति द्वारा अनुमति मिल चुकी है।लोकतान्त्रिक संविधान के किसी भी धारा में लोकतांत्रिक तरिके से किये जा रहे आंदोलन पर FIR नहीं हो सकता है इसलिए डरना नहीं है हमें लड़ना है ।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
