ताजपुर का शाहीन बाग सत्याग्रह में महिलाओं को देखने से रजिया सुल्तान की याद आती है
* आज सत्याग्रह 32 वें दिन भी जारी
ताजपुर /समस्तीपुर। ताजपुर के शाहीन बाग सत्याग्रह में जब महिलाओं को देखता हूँ तो मुझे रजिया सुल्तान याद आती है। सभा की अध्यक्षता आफताब आलम हीरा संचालन संस्कृति राजद के जिलाध्यक्ष, मोहम्मद फैयाज अहमद तथा शहजाद अहमद ने पूर्ण रूप से किया। सत्याग्रह के 32 वें दिन एबीभीपी के पूर्व नेता सूर्यकांत सिंह ने कहा की 25 मई को जब देश में अंग्रेजों के खिलाफ बहादुर शाह जफर ने जंग
किया तो अंग्रेजों को घुटने टेकना पड़ा। एक केंद्रीय मंत्री हैं गिरिराज सिंह ने इस देश के गरिमा का कभी खयाल नहीं किया। एबीभीपी के पूर्व नेता ने कहा मदरसों में नमाज़ होती है क़ुरान जैसी किताब रहती हैं वैसे मदरसों को भाजपा के लोग कहते हैं वहाँ आतंकवाद, दहशतगर्दी होती है। मैं नहीं मानता कि वैसे जगह से आतंकवाद और दहशतगर्दी पैदा होती है। आरएसएस जैसी संस्थान में आतंकवाद और दहशतगर्दी पैदा
होती है। इसका बहुत सारे उदहारण है उल्टे चोर कुतवाल को डांटे जैसी कहावत सच साबित हो रही है। मौके पर पर राजद के जिला उपाध्यक्ष अरमान सदरी,आफताब अहमद लड्डू, सेराज आलम,राजू राय, सरफराज़ अहमद, अली खान,शाहनवाज बक्श, सूफिया नाज़, फिरोज भाई, कारी अनवार, मोहम्मद हसनैन, अहमद रजा मिंटू, मो0 आफो, आसिफ होदा लाड्डू भाई, मो0 मुस्ताक,संजय नायक, आदि ने सम्बोधित किया।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट

