तस्कर व आरक्षक बेच नंबर 317 मनीष माली का गठजोड: बघाना थाने में है
आरक्षक,डोडाचूरा से भरी हुई गाडियां राजस्थान भिजवाने का लेता है ठेका, आंखो में धूल झोंककर आॅन ड्यूटी आरक्षक करता है तस्करों की मदद!*
*नीमच। नीमच बघाना थाने में पदस्थ आरक्षक बेच नंबर 317 मनीष माली और तस्करों का बडा गठजोड सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार आरक्षक को बघाना थाने में पदस्थ हुए डेढ वर्ष हो गए है। आरक्षक की तस्करों से तगडी टयूनिंग है। आरक्षक सौंधिया समाज के कुछ तस्करों से मिलकर डोडाचूरा से भरी स्कार्पियों एवं अन्य वाहन राजस्थान भिजवाने का काम कर रहा है।
पुख्ता खबर के मुताबिक सगराना के आगे घसूंडी के यहां से बिसलवास होते हुए छोटीसादडी प्रतापगढ की तरफ डोडाचूरा से भरी हुई गाडियों की पायलेटिंग स्वयं आरक्षक ही करता है। खबर के मुताबिक आरक्षक तस्करों से इस काम के बदले मौटी रकम लेता है। यही नहीं आरक्षक बघाना थाने की गौपनीयता भंग करने का काम भी करता है। जिन—जिन पुलिसकर्मियों की रात्रि डयूटी किस इलाकें में रहती है, वहां की लोकेशन भी तस्करों तक पहुंचाता है। कौन से इलाकें में पुलिस गश्त नहीं है, यह जानकारी तस्करों तक आसानी से पहुंचती है। आरक्षक के मोबाईल की कॉल डिटेल्स निकाली जाए तो बडे—बडे तस्करों से संबंध होने के खुलासे हो सकते है।*
*हाल ही में जिले में ईमानदार एसपी मनोजकुमार राय ने कमान संभाली है, कुछ सालों से पुलिस विभाग में ढर्रा बिगडा हुआ था, उसमें सुधार हो रहा है। एसपी से उम्मीद है कि ऐसे पुलिसकर्मियों की भी जानकारी ली जाएं जो तस्करों के साथी बने हुए है।* व्योरो रिपोर्ट सोनी राजपूत
*नीमच। नीमच बघाना थाने में पदस्थ आरक्षक बेच नंबर 317 मनीष माली और तस्करों का बडा गठजोड सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार आरक्षक को बघाना थाने में पदस्थ हुए डेढ वर्ष हो गए है। आरक्षक की तस्करों से तगडी टयूनिंग है। आरक्षक सौंधिया समाज के कुछ तस्करों से मिलकर डोडाचूरा से भरी स्कार्पियों एवं अन्य वाहन राजस्थान भिजवाने का काम कर रहा है।
पुख्ता खबर के मुताबिक सगराना के आगे घसूंडी के यहां से बिसलवास होते हुए छोटीसादडी प्रतापगढ की तरफ डोडाचूरा से भरी हुई गाडियों की पायलेटिंग स्वयं आरक्षक ही करता है। खबर के मुताबिक आरक्षक तस्करों से इस काम के बदले मौटी रकम लेता है। यही नहीं आरक्षक बघाना थाने की गौपनीयता भंग करने का काम भी करता है। जिन—जिन पुलिसकर्मियों की रात्रि डयूटी किस इलाकें में रहती है, वहां की लोकेशन भी तस्करों तक पहुंचाता है। कौन से इलाकें में पुलिस गश्त नहीं है, यह जानकारी तस्करों तक आसानी से पहुंचती है। आरक्षक के मोबाईल की कॉल डिटेल्स निकाली जाए तो बडे—बडे तस्करों से संबंध होने के खुलासे हो सकते है।*
*हाल ही में जिले में ईमानदार एसपी मनोजकुमार राय ने कमान संभाली है, कुछ सालों से पुलिस विभाग में ढर्रा बिगडा हुआ था, उसमें सुधार हो रहा है। एसपी से उम्मीद है कि ऐसे पुलिसकर्मियों की भी जानकारी ली जाएं जो तस्करों के साथी बने हुए है।* व्योरो रिपोर्ट सोनी राजपूत
