सरकार के क्रियाकलापों से लोकतंत्र हो रहा कमजोर : डॉ प्रमोद कुमार यादव
समस्तीपुर
सामाजिक कार्यकर्ता सह शिक्षाविद् प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार यादव ने लॉक डाउन की अवधि में सरकार द्वारा किए जा रहे मशीनरीयो के दुरुपयोग पर सवाल उठाते हुए कहा की लोकतंत्र समानता की ओर उन्मुख एक प्रगतिशील विचार हैं लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम और खास मिलकर लोक बन जाते हैं और तंत्र इन्हीं लोक के लिए काम करता है लेकिन विगत के दिनों में लगातार समाज के संपन्न और सत्ता में ऊंची पहुंच रखने वाले लोगों के द्वारा लॉक डॉउन के नियमों के उल्लंघन किए जाने का मामला प्रकाश में आया है कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र की शादी इसका ज्वलंत उदाहरण है
जहां हजारों बीबीआईपी एक साथ बैगर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को फॉलो किए हुए एकत्रित हुए। सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता सरकारी पास का दुरुपयोग कर रहे हैं गरीबों के पैसा का उपयोग सरकार तीर्थ यात्रियों को ढोने में खर्च कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ गरीब, मजदूर, किसान लंबे चल रहे लॉक डाउन में मजबुर होकर परेशानियों के साथ जीने को विवश है। सरकार नागरिकों के उनके कर्तव्य तो याद करवा रही हैं लेकिन उनके अधिकारो के बात आने पर परिस्थिति का हवाला देकर बचना चाहती है। सरकार को चाहिए कि अन्य राज्यों में फंसे लोगों की सूची एकत्रित कर यदि उन्हें लाना संभव नहीं है तो उनके लिए आवश्यक राहत सामग्री वही उपलब्ध करावे और उनके समक्ष उत्पन्न समस्याओं का निराकरण करें ताकि आम आवाम का भरोसा सरकार पर कायम रह सके और लोग निष्ठा पूर्वक लॉक डाउन के नियमों का पालन कर सकें।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर
