योगी कैबिनेटः नए प्रयोगों से 2024 साधने की पहल, केसरिया रंग को और गहराने की तैयारी, जातीय समीकरण पर जोर
विधानसभा चुनाव में जिस धमक के साथ उत्तर प्रदेश में भाजपा को भारी बहुमत मिला है, उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनाव पूर्व बनाई गई रणनीति पर मुहर लगी है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अब अगला कदम लोकसभा चुनाव की तरफ बढ़ा दिया है। राज्य मंत्रिमंडल के गठन से इसका संकेत भी मिलता है। मंत्रिमंडल में सबको साथ लेकर चलने के साथ ही पश्चिमी और पूर्वी यूपी के पार्टी नेताओं के साथ ही मध्य यूपी के नेताओं को जगह मिली है।
मंत्रिमंडल में सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के शीर्ष प्रबंधकों ने राज्य में केसरिया रंग को और गहराने के मकसद से ही मंत्रिमंडल के गठन में कई नए प्रयोग किये हैं। इसके तहत मंत्रिमंडल में अगड़ी और पिछड़ी जाति के चेहरों को अहम जिम्मेदारी दी है। ऐसे में अब फायरब्रांड नेता और हिंदुत्ववादी छवि वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके साथ दो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक के नेतृत्व में अब लोगों की अपेक्षाओं को पूरा किया जाएगा। एक बड़ी चुनौती है। जिस पर सब मिलकर खरा उतरेंगे।
