कासगंज दुर्घटना- कासगंज सहावर मार्ग नगला धूरी गांव के समीप अज्ञात ईको कार की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत ,ईको फरार , चांडी चौकी के सामने से गुजरी ईको कार।
कासगंज,
सहावर मार्ग पर आए दिन हादसे होते रहते हैं , कोई ना कोई हादसा सुनने को मिल जाता है। एक ताजा मामला सामने आया है कासगंज से सहावर मार्ग पर स्थिति गांव नगला धूरी पर कासगंज की तरफ से तेज रफ्तार से आ रही ईको कार ने एक व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी जिससे व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई। जब इस बात की खबर गांव नगला धूरी में हुई तो गांव के सभी लोग दौड़े और घटना स्थल पर पहुंच गए। इतनी संख्या में भीड़ थी रोड चक्का जाम हो गया। लोगों ने देखा तो यशवीर पुत्र धर्मपाल निवासी नगला धूरी के रूप में पहचान हुई। ग्रामीणों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार यशपाल रोड के बिल्कुल साइड कच्चे रास्ते पर चार लेकर गांव की तरफ जा रहे थे । ईको कार ने अपनी साइड छोड़कर दूसरी साइड पर यशपाल को टक्कर मारी थी। लोगों में आक्रोश था रोड जाम करने की तैयारी थी तब तक पुलिस चौकी चांडी , पुलिस को सूचना मिली तो मौके पर पुलिस पहुंच गई। लोगों को पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों की मांग थी कि हमें टक्कर मारकर मौत करने वाली ईको गाड़ी का पता कर कारवाही चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि गाड़ी दुर्घटना करके चांडी चौकी के सामने से गुजरी है। ये बात ग्रामीणों ने चांडी चौकी पुलिस को बताई और ये मांग की cctv कैमरे चैक कर लो तो यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि यहां कैमरे खराब हैं। जब यह बात ग्रामीणों ने सुनी तो ग्रामीण और रोष में आ गए और यह बात ग्रामीणों के समझ से बाहर हो गई। क्योंकि योगी सरकार का सख्त आदेश है कि हर जगह कैमरे होने चाहिए और कैमरे 24 घण्टे चालू रहने चाहिए खासकर थाने व चौकियों में यह सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए लेकिन चांडी चौकी पुलिस का जबाब था कि यहां पर कैमरे खराब हैं। जब ग्रामीणों ने ज्यादा फ़ोर्स किया तो कैमरे चैक किये गए तो ग्रामीणों का आरोप है कि जिस समय यह हादसा हुआ उसी समय की डिटेल नहीं है। ये सोचनीय विषय है कि आगे पीछे की डिटेल मौजूद है लेकिन दुर्घटना के समय की डिटेल नहीं है।
इस बात को लेकर ग्रामीणों में और आक्रोश भड़क गया और आज रोड पर चक्का जाम कर दिया। यह जानकारी मिली तो co सहावर,विधायक ,थाना पुलिस मौके पर पहुंच गए । आक्रोशित ग्रामीणों को समझ बुझाकर जाम खुलवाया और गाड़ी पकड़कर कार्यवाही का आश्वाशन दिया। तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला। अब देखना है कि यह ग्रामीणों की मांग कब तक पूरी होगी।


