संकिसा में कोरोना वायरस के भय से पर्यटकों का आना अस्सी प्रतिशत हुआ कम
मेरापुर फर्रुखाबाद।
।एक सप्ताह से संकिसा में विदेशी पर्यटकों का आना करीब अस्सी प्रतिशत कम हो गया है।
क्योंकि विदेशी पर्यटकों में कोरोना वायरस का भय व्याप्त है।
अपने पाठकों को यह भी बताते चलें कि *कोरोना वायरस क्या है*-कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था । डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ होती है यह इसके लक्षण हैं।
अमेरिका नेपाल ,चाइना ,वेतनाम ,थाइलैंड ,कम्बोडिया ,वर्मा आदि कई देशों के पर्यटक बुध्द स्थल संकिसा में आये दिन भारी संख्या में भ्रमण करने आते थे।
कोरोना कवायरस के चलते करीब एक सप्ताह से भी अधिक समय से पर्यटकों की संख्या अस्सी प्रतिशत कम हो गई है।
बुध्द स्थल पर पर्यटकों के न पंहुचने से सन्नाटा छाया हुआ है। इधर संकिसा में स्थित इंपैक्ट होटल के जिम्मेदार व्यक्तियों को अभी चिंता सता रही है।
श्रीलंका के पर्यटकों का प्रति वर्ष के फरवरी माह में पवित्र स्थल संकिसा में आना जाना शुरू हो जाता था। कोरोना की वजह से अभी तक श्रीलंका का एक भी पर्यटक संकिसा में भ्रमण करने नहीं पहुंचा है।
बीते दिन शुक्रवार को कनाडा के 11 पर्यटक और अमेरिका के तीन पर्यटक संकिसा में भ्रमण करने आए थे।
आज शनिवार को संकिसा में कोई भी किसी भी देश का पर्यटक नहीं पहुंचा। जिससे बुद्ध की पवित्र भूमि स्थल स्तूप व मंदिरों में सन्नाटा छाया हुआ है।
संकिसा भिक्षु संघ एवं यूथ बुद्धिष्ट वेलफेयर के अध्यक्ष डॉ धम्मपाल महाथैरो ने बताया कि प्रति दिन तकरीबन 200 से लेकर पांच सौ विदेशी पर्यटक संकिसा में भ्रमण करने के लिए आते थे । लेकिन कोरोना वायरस के कारण एक सप्ताह से भी अधिक समय से आने वाले पर्यटकों की संख्या 80% कम हो गई है l
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेन्द्र वर्मा, सोनू राजपूत की रिपोर्ट।


