अध्यक्षता एवं संचालन - - - - कहकशां गौहर एवं नुजहत प्रवीण ने संयुक्त रूप से की सत्याग्रह का 54 वां दिन
* महिला दिवस पर सत्याग्रह स्थल रहा महिलाओं के जिम्मा।
ताजपुर /समस्तीपुर । 8 मार्च।
नागरिकता कानून के खिलाफ जारी सत्याग्रह आंदोलन स्थल रविवार को महिला दिवस पर पूरी तरह रहा महिलाओं के कब्जे में" इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला एवं छात्राएं उपस्थित रहीं. अध्यक्षता से लेकर संचालन एवं भाषण देने में सिर्फ महिलाएं ही शामिल रहीं. मौके पर आहूत सभा की अध्यक्षता दो सदस्यीये अध्यक्षमंडल के सदस्यों में कहकशां गौहर एवं नुजहत प्रवीण ने की जबकि सभा को सभी महिला वक्ता ने संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय भाषण में भाजपा की सरकार ने जो काला कानून एन आर सी, सी ए ए, एन पी आर बनाया है वह धर्म के आधार पर जाति के आधार भेद भाव कर के बनाया है। ये लड़ाई देश को देश के संविधान को देश के लोगों को बचाने की लड़ाई है।
नागरिकता कानून लाने वाले ये वहीं भाजपा- संघ वाले हैं जो भारतीय संविधान बदलकर मनुवादी संविधान लाकर फिर से महिलाओं को पैर की जूती बनाना चाहती है. सरकार आज महिलाओं के लिए भोजन, कपड़ा तय कर रही है. हमें ऐसी सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज कर आगामी चुनाव में सरकार को उखाड़ फेंकना होगा। वक्ता के तौर पर उपस्थित महिलाएं असफहानी बेगम, बुशरा नशीम, रोजी प्रवीण, यास्मीना खातून 'नाहिद नाज, शीफत नाज, नाजिया प्रवीण, नीलम देवी, आश देवी,फौज़िया रहमान, सबीहा प्रबीन, गुलनाज प्रबीन, रौशनी प्रबीन आदि ने संबोधित किया।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
ताजपुर /समस्तीपुर । 8 मार्च।
नागरिकता कानून के खिलाफ जारी सत्याग्रह आंदोलन स्थल रविवार को महिला दिवस पर पूरी तरह रहा महिलाओं के कब्जे में" इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला एवं छात्राएं उपस्थित रहीं. अध्यक्षता से लेकर संचालन एवं भाषण देने में सिर्फ महिलाएं ही शामिल रहीं. मौके पर आहूत सभा की अध्यक्षता दो सदस्यीये अध्यक्षमंडल के सदस्यों में कहकशां गौहर एवं नुजहत प्रवीण ने की जबकि सभा को सभी महिला वक्ता ने संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय भाषण में भाजपा की सरकार ने जो काला कानून एन आर सी, सी ए ए, एन पी आर बनाया है वह धर्म के आधार पर जाति के आधार भेद भाव कर के बनाया है। ये लड़ाई देश को देश के संविधान को देश के लोगों को बचाने की लड़ाई है।
नागरिकता कानून लाने वाले ये वहीं भाजपा- संघ वाले हैं जो भारतीय संविधान बदलकर मनुवादी संविधान लाकर फिर से महिलाओं को पैर की जूती बनाना चाहती है. सरकार आज महिलाओं के लिए भोजन, कपड़ा तय कर रही है. हमें ऐसी सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज कर आगामी चुनाव में सरकार को उखाड़ फेंकना होगा। वक्ता के तौर पर उपस्थित महिलाएं असफहानी बेगम, बुशरा नशीम, रोजी प्रवीण, यास्मीना खातून 'नाहिद नाज, शीफत नाज, नाजिया प्रवीण, नीलम देवी, आश देवी,फौज़िया रहमान, सबीहा प्रबीन, गुलनाज प्रबीन, रौशनी प्रबीन आदि ने संबोधित किया।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
