_हड़ताल पर रहें, घर में रहें, सुरक्षित रहें आज अंधेरा तो कल सबेरा होगा
समस्तीपुर
25 फरवरी से हम माध्यमिक/उच्चमाध्यमिक/पुस्कालयाध्यक्ष/नियमित शिक्षक हड़ताल में रहकर सड़को पर संघर्ष कर रहें है लेकिन अभी तक सरकार ने हमारी सुध नही ली क्योंकि, सरकार कही न कही हम शिक्षकों के हड़ताल से दबाव में आ गयी है आज MLC, विधायक जी , शिक्षा मंत्री जी या कोई भी नेता जी हड़ताली नियोजित शिक्षकों के बारे में खुलकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय से शिक्षकों के सम्मान दिलाने के नाम पर बात भी नही करना चाह रहे हैं। हाँ, सभी लोग चिंता जरूर व्यक्त करते है, इसका एक ही कारण है कोइ भी नेता जी वास्तव में नियोजित का सुध लेना नही चाहते हैं, या शायद हड़ताली शिक्षकों की चर्चा खुलकर नही करना चाह रहें है बात चाहे जो भी हो।
दोस्तों हमलोगों को संघ पर भरोसा करना होगा , कहते है *"संघे शक्ति कलयुगे अभी हाल ही में कुछ शिक्षक, सरकार के मंत्री, एमएलसी,अधिकारी सेअ बात किये है जिसका ऑडियो क्लिप आपलोग सुने ही होंगे, जिसमें शिक्षक/शिक्षिका उनसे याचना कर रहें हैं ये कही से उचित नही ठहराया जा सकता क्योंकि हमलोग संघ के आवाहन पर हड़ताल में आएं है इसलिए संघ के सेनापति पर विश्वास और भरोसा दोंनो रखना पड़ेगा तभी हमारा हड़ताल सफल हो पायेगा।_ _हा संघ से बात किया जाना चाहिए तथा संघ पर दवाब बनाया जाना चाहिये। ये हमारा अधिकार है।_
हम जानते है की अचानक कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने
सरकार की चुनौती बढा दी है, सभी सरकारी तंत्र इस महामारी से लड़ने में लगे हुए है इस परिस्थिति में हमें बिल्कुल धैर्य रखने की आवश्यकता है। इस परिस्थिति में हमें समाज और सरकार के साथ रहकर कोरोनो को हराना है न की अपनी माँग सीधे बिना संघ के अनुमति से किसी मंत्री,अधिकारी से इस तरह खुद बात करनी है।इससे सरकार नियोजित के हड़ताल को कमजोर समझ सकती है हम लोग जिस प्रकार जन अभियान चलाकर लोगो को जागरूक किये, लॉकडॉन में सोशल मीडिया से अभी भी जागरूक कर रहें है ये सराहनीय है, बहुत ऐसे भी शिक्षक है जिनके विद्यालय में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है वो दिनरात सेवा दे रहें है वह काबिले तारीफ है।परन्तु जिस प्रकार शिक्षा प्रेमियों को किसी के कुटिल बहकावे में लाया गया ये कहि से भी उचित नहीं हैं।इसलिए आप हड़ताल में है और जमे रहेंऔर अंत मे मैं यही कहूंगा कि अपने सेनापति माननीय अध्यक्ष महोदय श्री केदारनाथ पांडेय,और महासचिव माननीय शत्रुघ्न प्रसाद सिंह पर भरोसा और विश्वास बनाये रखना ही हमारा कर्तव्य है।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर
25 फरवरी से हम माध्यमिक/उच्चमाध्यमिक/पुस्कालयाध्यक्ष/नियमित शिक्षक हड़ताल में रहकर सड़को पर संघर्ष कर रहें है लेकिन अभी तक सरकार ने हमारी सुध नही ली क्योंकि, सरकार कही न कही हम शिक्षकों के हड़ताल से दबाव में आ गयी है आज MLC, विधायक जी , शिक्षा मंत्री जी या कोई भी नेता जी हड़ताली नियोजित शिक्षकों के बारे में खुलकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय से शिक्षकों के सम्मान दिलाने के नाम पर बात भी नही करना चाह रहे हैं। हाँ, सभी लोग चिंता जरूर व्यक्त करते है, इसका एक ही कारण है कोइ भी नेता जी वास्तव में नियोजित का सुध लेना नही चाहते हैं, या शायद हड़ताली शिक्षकों की चर्चा खुलकर नही करना चाह रहें है बात चाहे जो भी हो।
दोस्तों हमलोगों को संघ पर भरोसा करना होगा , कहते है *"संघे शक्ति कलयुगे अभी हाल ही में कुछ शिक्षक, सरकार के मंत्री, एमएलसी,अधिकारी सेअ बात किये है जिसका ऑडियो क्लिप आपलोग सुने ही होंगे, जिसमें शिक्षक/शिक्षिका उनसे याचना कर रहें हैं ये कही से उचित नही ठहराया जा सकता क्योंकि हमलोग संघ के आवाहन पर हड़ताल में आएं है इसलिए संघ के सेनापति पर विश्वास और भरोसा दोंनो रखना पड़ेगा तभी हमारा हड़ताल सफल हो पायेगा।_ _हा संघ से बात किया जाना चाहिए तथा संघ पर दवाब बनाया जाना चाहिये। ये हमारा अधिकार है।_हम जानते है की अचानक कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने
सरकार की चुनौती बढा दी है, सभी सरकारी तंत्र इस महामारी से लड़ने में लगे हुए है इस परिस्थिति में हमें बिल्कुल धैर्य रखने की आवश्यकता है। इस परिस्थिति में हमें समाज और सरकार के साथ रहकर कोरोनो को हराना है न की अपनी माँग सीधे बिना संघ के अनुमति से किसी मंत्री,अधिकारी से इस तरह खुद बात करनी है।इससे सरकार नियोजित के हड़ताल को कमजोर समझ सकती है हम लोग जिस प्रकार जन अभियान चलाकर लोगो को जागरूक किये, लॉकडॉन में सोशल मीडिया से अभी भी जागरूक कर रहें है ये सराहनीय है, बहुत ऐसे भी शिक्षक है जिनके विद्यालय में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है वो दिनरात सेवा दे रहें है वह काबिले तारीफ है।परन्तु जिस प्रकार शिक्षा प्रेमियों को किसी के कुटिल बहकावे में लाया गया ये कहि से भी उचित नहीं हैं।इसलिए आप हड़ताल में है और जमे रहेंऔर अंत मे मैं यही कहूंगा कि अपने सेनापति माननीय अध्यक्ष महोदय श्री केदारनाथ पांडेय,और महासचिव माननीय शत्रुघ्न प्रसाद सिंह पर भरोसा और विश्वास बनाये रखना ही हमारा कर्तव्य है।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर