छात्रों ,ग़रीबों , मज़दूरों , टेम्पो -रिक्शा चालको आदि को प्रयागराज की टीम ने अनाज बाँटा
प्रयागराज
आज कोविड-19 के कहर से पुरा विश्व हलाकान है, भारत की स्थिति भी दिनों-दिन भयावह होती जा रही है, अचानक आयी इस आपदा ने जनजीवन को झकझोकर के रख दिया है और बहुतों का जीवन में रोटी और पानी का संकट हो गया है, दूसरी तरफ़ हमारे देश में धार्मिक कट्टरता भी अपने उफान पर है,
ऐसे दौर में हमारे विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष रहे अदील हमजा साहिल जैसे लोग उन लोगों के लिए अवतरित मसीहा हैं जो लाॅकडाऊन में अपने घरों से दूर अन्यत्र कहीं फंस गए हैं और जीवन की मूलभूत चीज यानी रोटी, पानी के लिए तरस रहे हैं,
हमारे ग़ाज़ीपुर ज़िले के ऐसे तकरीबन 10 प्रतियोगी छात्रों को अदील हमज़ा जी ने रशद और भोजन पानी की व्यवस्था कर समाजवाद और एकता का अद्भुत उदाहरण पेश किया, भाई अदील हमज़ा जी के द्वारा इस उदार ह्दय से की गयी मानवीय और सहायता की हम हृदय की गहराइयों से आभार प्रकट करते हैं, और अन्य लोगों से भी अपील करते हैं कि वो भाई अदील हमज़ा जी का अनुसरण करें और उनकी हरसंभव मदद करें, तथा साम्प्रदायिकता का चश्मा उतारकर जरूरतमंदों की मदद कर अपने इंसा होने का प्रमाण दें।।
रिपोर्ट मोहम्मद साबिर
आज कोविड-19 के कहर से पुरा विश्व हलाकान है, भारत की स्थिति भी दिनों-दिन भयावह होती जा रही है, अचानक आयी इस आपदा ने जनजीवन को झकझोकर के रख दिया है और बहुतों का जीवन में रोटी और पानी का संकट हो गया है, दूसरी तरफ़ हमारे देश में धार्मिक कट्टरता भी अपने उफान पर है,
ऐसे दौर में हमारे विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष रहे अदील हमजा साहिल जैसे लोग उन लोगों के लिए अवतरित मसीहा हैं जो लाॅकडाऊन में अपने घरों से दूर अन्यत्र कहीं फंस गए हैं और जीवन की मूलभूत चीज यानी रोटी, पानी के लिए तरस रहे हैं,
हमारे ग़ाज़ीपुर ज़िले के ऐसे तकरीबन 10 प्रतियोगी छात्रों को अदील हमज़ा जी ने रशद और भोजन पानी की व्यवस्था कर समाजवाद और एकता का अद्भुत उदाहरण पेश किया, भाई अदील हमज़ा जी के द्वारा इस उदार ह्दय से की गयी मानवीय और सहायता की हम हृदय की गहराइयों से आभार प्रकट करते हैं, और अन्य लोगों से भी अपील करते हैं कि वो भाई अदील हमज़ा जी का अनुसरण करें और उनकी हरसंभव मदद करें, तथा साम्प्रदायिकता का चश्मा उतारकर जरूरतमंदों की मदद कर अपने इंसा होने का प्रमाण दें।।
रिपोर्ट मोहम्मद साबिर

