बेबस लाचार मां के आंसुओं और बच्चों की लाश पर नीतीश शासन खामोश - मोहम्मद युनूस
समस्तीपुर
जहां एक तरफ भूखमरी तो वहीं दूसरी तरफ चिकित्सीय व्यवस्था की बद-इंतजामी पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए समस्तीपुर राजद जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि लॉक डाउन में एक तरफ भूखमरी से मजदूरों की स्थिति बदतर होते हुए मौत की तरफ बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ सही चिकित्सा नहीं मिल पाने के कारण जहानाबाद में एक बच्चे की मौत हो गई और सरकार मूकदर्शक बनकर देखती रह गई। कोरोना महामारी से उत्पन्न हालात हाथों में 3 साल के बच्चे की लाश लेकर बदहवास भागती ये मां ....... और उसकी रुदन
बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का गवाह है यह दृश्य पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन पर मौत का मुकदमा चलना चाहिए। जहां एम्बुलेंस न मिलने की वजह से मासूम की जान चली गई। बच्चे को पहले अरवल से जहानाबाद रेफर किया, फिर जहानाबाद से पटना। और अंततः उसने दम तोड़ दिया। मोहम्मद यूसुफ ने कहा- मरने के बाद शव ले जाने के लिए भी एम्बुलेंस नहीं था, मासूम ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया, मां इलाज के लिए एंबुलेंस की खोज में दर-ब-दर भटकती रही, उसकी चीख सुनने के लिए साहस जुटाना मुश्किल था।'इंसानियत मर चुकी, जो बची है जिंदा लाशें हैं',
नीतीश जी एंबुलेंस उपलब्ध क्यों नहीं हैं? यह आपराधिक लापरवाही है और आपको अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। आपके प्रशासन की लापरवाही की वजह से 3 साल के बच्चे की जान चली गई। उन्होंने यह भी कहा अगर सरकार चलाने में असमर्थ हैं तो नैतिकता के आधार पर नीतीश सरकार को तुरंत इस्तीफा दें।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर
जहां एक तरफ भूखमरी तो वहीं दूसरी तरफ चिकित्सीय व्यवस्था की बद-इंतजामी पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए समस्तीपुर राजद जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि लॉक डाउन में एक तरफ भूखमरी से मजदूरों की स्थिति बदतर होते हुए मौत की तरफ बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ सही चिकित्सा नहीं मिल पाने के कारण जहानाबाद में एक बच्चे की मौत हो गई और सरकार मूकदर्शक बनकर देखती रह गई। कोरोना महामारी से उत्पन्न हालात हाथों में 3 साल के बच्चे की लाश लेकर बदहवास भागती ये मां ....... और उसकी रुदन
बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का गवाह है यह दृश्य पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन पर मौत का मुकदमा चलना चाहिए। जहां एम्बुलेंस न मिलने की वजह से मासूम की जान चली गई। बच्चे को पहले अरवल से जहानाबाद रेफर किया, फिर जहानाबाद से पटना। और अंततः उसने दम तोड़ दिया। मोहम्मद यूसुफ ने कहा- मरने के बाद शव ले जाने के लिए भी एम्बुलेंस नहीं था, मासूम ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया, मां इलाज के लिए एंबुलेंस की खोज में दर-ब-दर भटकती रही, उसकी चीख सुनने के लिए साहस जुटाना मुश्किल था।'इंसानियत मर चुकी, जो बची है जिंदा लाशें हैं',
नीतीश जी एंबुलेंस उपलब्ध क्यों नहीं हैं? यह आपराधिक लापरवाही है और आपको अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। आपके प्रशासन की लापरवाही की वजह से 3 साल के बच्चे की जान चली गई। उन्होंने यह भी कहा अगर सरकार चलाने में असमर्थ हैं तो नैतिकता के आधार पर नीतीश सरकार को तुरंत इस्तीफा दें।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर
