मजदूरों, निम्न मध्यवर्गीय तबके व समाज के कामकाजी हिस्से के सामने लाॅकडाउन से उत्पन्न भूखमरी सबसे बड़ी समस्या :- #माले
देशव्यापी मांग दिवस पर भाकपा-माले कार्यकर्ताओं व माले से जुड़े व अन्य लोगों ने 10 मिनट तक थाली बजाकर सरकार से की भोजन, राशन की मांग
ताजपुर /पूसा /समस्तीपुर '12 अप्रैल '2020
भाकपा-माले के देशव्यापी मांग दिवस पर प्रायोजित 'लाॅकडाउन में भात के लिए' दोपहर 2 से 2.30 बजे हरपुर, धोबगामा , बथुआ, मोरसंड, वैनी, कोआरी,कुबौलीराम इत्यादि पंचायतों में अपने- अपने घरों में 10 मिनट के लिए माले कार्यकर्ताओं व माले से जुड़े लोगों व अन्य लोगों ने थाली बजाकर सरकार से मांग की है कि लाॅकडाउन के दौर में गरीब, मजदूरों व सभी जरूरतमंदों के लिए भोजन, राशन व बुनियादी जरूरत को पूरा करने के लिए राशि उपलब्ध कराया जाए। लाॅकडाउन ने गरीबों, दिहाड़ी व बाहर से आए मजदूरों, निम्न मध्यवर्गीय तबके और समाज के कामकाजी हिस्से के सामने भूखमरी की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।
भाकपा-माले इन मांगों के साथ ये भी मांग करती हैं कि गरीबों, मजदूरों के घरों में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को काॅपी, पेन्सिल, कलम इत्यादि भी मुफ्त में उपलब्ध कराए, जिससे इनकी पढ़ाई बाधित न हो। इसके अलावा भाकपा-माले के प्रखंड सचिव अमित कुमार ने कहा है कि सरकार को तीन माह तक बिजली बिल माफ कर देना चाहिए। बिहार के ग्रामीण इलाकों में कोरोना के अलावा और क्या चुनौतियां है इस पर सरकार को फोकस करना चाहिए। देश में बिहार इकलौता ऐसा राज्य है जहां का अधिकतर नागरिक देशभर में मजदूर-देहाड़ी के लिए फैला हुआ है। इनके लिए भी भोजन, राशन, राशि की व्यवस्था अविलंब करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारा की भी व्यवस्था सरकार को करना चाहिए।
अब्दुल कादिर
