प्रवासी मजदूर और छात्रों से नीतीश सरकार बेहद बेरुखी भरा व्यवहार कर रही है
समस्तीपुर
राजद के जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने नीतीश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश के बाहर फंसे लाखों गरीब मजदूरों और छात्रों को सरकार ने बेसहारा छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के 6500 छात्र लॉकडाउन की वजह से कोटा में फंसे हुए हैं। ज्यादातर विद्यार्थी कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के हॉस्टल और पीजी में रहते हैं। लॉकडाउन के दौरान खाने-पीने से अधिक समस्या अकेलेपन और तनाव की है। अकेले रह रहे लड़के-लड़कियों के लिए यह तनाव भरा समय है। सरकार से यह आग्रह है कि वह यहां के उन लाखों गरीब प्रवासी मज़दूर परिवारों व छात्रों के लिए संवेदना ज़रूर दिखाए, जिन्हें अभी तक भी उनके घर से दूर नारकीय जीवन जीने को मजबूर किया जा रहा है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि बिहार सरकार अनिर्णय की स्थिति में है l प्रवासी मजबूर
मजदूर और छात्रों से बेहद बेरुखी भरा व्यवहार कर रही है l उन्होंने कहा कि छात्र सरकार से लगातार घर वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार को उनकी कोई फिक्र नही है । सरकार उनके प्रति असंवेदनशील है l राजद प्रवक्ता ने कहा कि देश भर में बिहार के लोग फंसे पड़े हैं और नीतीश कुमार जी लॉकडाउन की मर्यादा का पाठ पढ़ा रहे हैं। स्थानीय सरकारें कुछ कर भी रहीं हैं, लेकिन नीतीश जी ने सम्बंधित राज्यों से अब तक कोई बात भी नहीं की है। पीएम के साथ मीटिंग में भी उन्होंने इसकी चर्चा तक नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों व छात्रों को बिहार वापस लाने हेतु नीतीश सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए l
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
