नदीम खान, BSTA, जिलाकार्यसमिति सदस्य, समस्तीपुर श्रमिक दिवस और बिहार के नियोजित शिक्षक
समस्तीपुर
मजदूर दिवस है। यह दिन 1 मई इतिहास के पन्नों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यानी पूरे विश्व के मजदूरों के लिए, एक महत्वपूर्ण दिन। कोरोना जैसे वैश्विक महामारी के बावजूद भी पूरे विश्व के लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से ही सही मजदूर दिवस के रूप में मनाया।_
_मैं बिहार का एक नियोजित शिक्षिक हूँ और मैं भी उसी श्रेणी से आता हूँ भारत का गौरवशाली इतिहास रहा है,की पूरे विश्व को शिक्षा के लिए प्रेरित किया, इतना ही नहीं, मैं भारत के उस प्रांत से आता हूं जो कभी विश्व विख्यात चाणक्य की धरती कहलाती थी। जी हां भाइयों मैं प्राचीन काल के पाटलिपुत्र वर्तमान के बिहार राज्य के सुदूर समस्तीपुर जिला में कार्यरत नियोजित शिक्षक हूँ और यही से अपना अस्तित्व भी रखता हूँ।
_जो विश्वव्यापी महामारी कोरोना के साथ-साथ 4 लाख अपने क्रांतिकारी इंकिलाबी सहनशील राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के साथ आंदोलनरत है जी हां पिछले 2 महीने से भी ऊपर से हड़ताल में है इस अवधि में करीब 60 शिक्षक ने भूख के कारण, ब्रेन हेमरेज, मानसिक दबाव, आर्थिक अभाव में दम तोड़ दिया। यह कैसी विडंबना है जिस मगध साम्राज्य का संपूर्ण भारतवर्ष पर शासन था जिस मगध साम्राज्य ने विश्व विख्यात गुरु चाणक्य को स्थान दिया था आज उसी पाटलिपुत्र की धरती पर गुरुओं का इतना बड़ा अपमान एक प्रश्न बनकर रह गया है वर्तमान सरकार पर। पूर्व में सभी शिक्षक बनने के लिए लोग लालायित रहते उनकी प्राथमिकता होती थी शिक्षक बनना। परन्तु आज पढ़ने-लिखने के बाद आज वही समाज अपने बच्चों को यह कहते फिरते हैं कि सब कुछ बन जाना परन्तु शिक्षक नही बनना।आखिर इस दशा के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए? बिहार की वर्तमान सरकार को, या यहां की शिक्षा व्यवस्था को या समाज के उन लोगों को जो साइकिल पोशाक का पैसा ना मिलने पर सड़क तो जाम करते हैं और धरना प्रदर्शन करने लगते है, लेकिन विद्यालय के शिक्षक गण जो आर्थिक अभाव का दंश झेल रहे उनके लिए ना तो दो मीठे बोल और ना ही सरकार से कोई प्रश्न ही पूछते है। इसके लिए जिम्मेदार कौन?? क्या हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी?? क्या हमारे मुख्यमंत्री महोदय को नही लगता है कि हमारे साथ शिक्षकों की मृत्यु उनकी शहादत उनके चेहरे को देखकर नहीं लगता कि क्या चाहते हैं??आप से क्या उम्मीदें हैं एक शिक्षक के रूप में? एक प्रजा के रूप में।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर
