डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की शिशु की मौत हो गई। घटना के बारेेे में पता चला तो रोने लगी कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला नगला दीना निवासी रवि कुमार ने आज सुबह 8बजे पत्नी कंचन को डिलेवरी हेतु आवास विकास अस्पताल के सामने गंगा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डा0 मोहित गुप्ता ने महिला का ऑपरेशन किया। परिजनों
फर्रूखाबाद।
डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की शिशु की मौत हो गई। घटना के बारेेे में पता चला तो रोने लगी कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला नगला दीना निवासी रवि कुमार ने आज सुबह 8बजे पत्नी कंचन को डिलेवरी हेतु आवास विकास अस्पताल के सामने गंगा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डा0 मोहित गुप्ता ने महिला का ऑपरेशन किया। परिजनों को बताया गया कि
बच्चा मृत पैदा हुआ है। लेकिन बाद में परिजनों को पता चला कि आवारा कुत्ते द्वारा नोंचे जाने के कारण बच्चा मर गया है। डॉक्टर लोगोंं की लापरवाही इंसान की ले लेतीी है जान
रवि ने अस्पताल के डा0 मोहित गुप्ता व कर्मचारियों के विरूद्ध घोर लापरवाही के चलते बच्चे की मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने अपराध संख्या 5ए/19 धारा 304-ए के तहत रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना आवास विकास चौकी इंचार्ज दीपक कुमार त्रिवेदी को सौपी है। बताया गया कि ऑपरेशन के बाद बच्चे को ओटी की मेज पर रखा गया था। उसी समय आवारा कुत्ता ओटी के अंदर घुसा। कुत्ते ने मास समझकर बच्चे को मेज से नीचे गिराया और उसे नोंचा।
जिसके कारण बच्चे का चेहरा आदि शरीर क्षतिग्रस्त हो गया। भयभीत अस्पताल कर्मचारियों ने बच्चे को पुठ्ठे के गत्ते में रखकर छिपा दिया। फर्श पर बच्चे का खून का निशान देखा गया। परिजनों ने लापरवाही से बच्चे को मार डालने का आरोप लगाकर हंगामा मचाया। आवास विकास चौकी इंचार्ज दीपक कुमार त्रिवेदी ने मामले की जांच पडताल की। पुलिस ने गत्ते में छिपाये गये क्षतिग्रस्त शव को देखा। बच्चे के क्षतिग्रस्त शरीर पर कॉटन लगाई गई थी।
तभी पडोसी कटियार नर्सिंग होम के मालिक भानू कटियार वहां पहुंच गये। भानू के अस्पताल में नवजात शिशुओं को एसएनसीयू में रखा जाता है। श्री कटियार ने परिजनों को बताया कि बच्चा मेरे यहां भर्ती था। मै बच्चे की मौत होने का प्रमाण पत्र भी दे सकता हूँ। तभी परिजनों ने यह कहकर भानू को खरी खोटी सुनाकर जलील किया कि जब बच्चा तुम्हारे अस्पताल में पैदा नही हुआ तो तुमसे क्या मतलब। विवाद बढता देखकर पुलिस ने भानू को वहां से भगा दिया।
शहर कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने भी मामले की जांच पडताल की और सीसीटीवी कैमरे की हार्डडिस्क कब्जे में ले ली। बताया गया कि रवि बाथम आईटीआई चौराहा स्थित
चोला फाइनेंस कम्पनी में फील्ड ऑफीसर पद पर कार्यरत है। उनका 2 वर्ष पूर्व ही नगर क्षेत्र से विवाह हुआ था। पहला बच्चा होने पर परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन बेटे की मौत हो जाने पर खुशियां मातम में बदल गई। बताया गया कि वीनू चौहान ने आकाश गंगा हॉस्पिटल को किराये पर ले रखा है। बच्चे को पिटारा में बंद कर ताला लगाकर सब कर्मचारी डॉक्टर सहित भाग गए आवास विकास चौकी इंचार्ज दीपक त्रिवेदी ने ताला खोला इस्पेक्टर साहब वेद प्रकाश पांडे मौजूद रहे डॉक्टर ने रवि को पैसे देने की भी बात कही
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेन्द्र वर्मा सोनू राजपूत की रिपोर्ट
डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की शिशु की मौत हो गई। घटना के बारेेे में पता चला तो रोने लगी कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला नगला दीना निवासी रवि कुमार ने आज सुबह 8बजे पत्नी कंचन को डिलेवरी हेतु आवास विकास अस्पताल के सामने गंगा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डा0 मोहित गुप्ता ने महिला का ऑपरेशन किया। परिजनों को बताया गया कि
बच्चा मृत पैदा हुआ है। लेकिन बाद में परिजनों को पता चला कि आवारा कुत्ते द्वारा नोंचे जाने के कारण बच्चा मर गया है। डॉक्टर लोगोंं की लापरवाही इंसान की ले लेतीी है जान
रवि ने अस्पताल के डा0 मोहित गुप्ता व कर्मचारियों के विरूद्ध घोर लापरवाही के चलते बच्चे की मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने अपराध संख्या 5ए/19 धारा 304-ए के तहत रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना आवास विकास चौकी इंचार्ज दीपक कुमार त्रिवेदी को सौपी है। बताया गया कि ऑपरेशन के बाद बच्चे को ओटी की मेज पर रखा गया था। उसी समय आवारा कुत्ता ओटी के अंदर घुसा। कुत्ते ने मास समझकर बच्चे को मेज से नीचे गिराया और उसे नोंचा।
जिसके कारण बच्चे का चेहरा आदि शरीर क्षतिग्रस्त हो गया। भयभीत अस्पताल कर्मचारियों ने बच्चे को पुठ्ठे के गत्ते में रखकर छिपा दिया। फर्श पर बच्चे का खून का निशान देखा गया। परिजनों ने लापरवाही से बच्चे को मार डालने का आरोप लगाकर हंगामा मचाया। आवास विकास चौकी इंचार्ज दीपक कुमार त्रिवेदी ने मामले की जांच पडताल की। पुलिस ने गत्ते में छिपाये गये क्षतिग्रस्त शव को देखा। बच्चे के क्षतिग्रस्त शरीर पर कॉटन लगाई गई थी।
तभी पडोसी कटियार नर्सिंग होम के मालिक भानू कटियार वहां पहुंच गये। भानू के अस्पताल में नवजात शिशुओं को एसएनसीयू में रखा जाता है। श्री कटियार ने परिजनों को बताया कि बच्चा मेरे यहां भर्ती था। मै बच्चे की मौत होने का प्रमाण पत्र भी दे सकता हूँ। तभी परिजनों ने यह कहकर भानू को खरी खोटी सुनाकर जलील किया कि जब बच्चा तुम्हारे अस्पताल में पैदा नही हुआ तो तुमसे क्या मतलब। विवाद बढता देखकर पुलिस ने भानू को वहां से भगा दिया।
शहर कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने भी मामले की जांच पडताल की और सीसीटीवी कैमरे की हार्डडिस्क कब्जे में ले ली। बताया गया कि रवि बाथम आईटीआई चौराहा स्थित
चोला फाइनेंस कम्पनी में फील्ड ऑफीसर पद पर कार्यरत है। उनका 2 वर्ष पूर्व ही नगर क्षेत्र से विवाह हुआ था। पहला बच्चा होने पर परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन बेटे की मौत हो जाने पर खुशियां मातम में बदल गई। बताया गया कि वीनू चौहान ने आकाश गंगा हॉस्पिटल को किराये पर ले रखा है। बच्चे को पिटारा में बंद कर ताला लगाकर सब कर्मचारी डॉक्टर सहित भाग गए आवास विकास चौकी इंचार्ज दीपक त्रिवेदी ने ताला खोला इस्पेक्टर साहब वेद प्रकाश पांडे मौजूद रहे डॉक्टर ने रवि को पैसे देने की भी बात कही
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेन्द्र वर्मा सोनू राजपूत की रिपोर्ट

