[3/16, 6:19 PM] Md Naim: काशीपुर लूटकांड का पुलिस ने किया खुलासा
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समस्तीपुर । बीते 24 फरवरी को शहर के काशीपुर के लखना चौक स्थित एमके ट्रेडर्स के कर्मचारी से लगभग 32 लाख रुपये लूटकांड पर से पर्दा हटाते हुए पुलिस ने सोमवार को घटना का उदभेदन करते हुए नगद 17 लाख 80 हजार रुपए एवं अन्य सामानों के साथ कांड में संलिप्त एक महिला समेत कुल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
आदर्श नगर थाना पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पुलिस कप्तान विकास वर्मन ने बताया की इस कांड के बाद उनके नेतृत्व में 9 सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया गया था, जिसमें पुलिस उप कप्तान प्रितिश कुमार, नगर थानाध्यक्ष सीताराम प्रसाद, मुफ़स्सिल थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य, प्रभारी डीआईयू संजय कुमार, ताजपुर थानाध्यक्ष विश्वजीत कुमार, मथुरापुर ओपी थाना अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक संजय सिंह एवं सहायक अवर निरीक्षक रोहित कुमार सिंह को शामिल किया गया था।
वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विभिन्न स्थानों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना में शामिल अपराधी एवं लाईनर की पहचान की गयी। बंगाली टोला निवासी इंद्रेश तनेजा उर्फ जानी की पहचान लाईनर के रूप में की गयी थी, जिसे 4 मार्च को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जबकि एक दूसरा लाईनर जो खानपुर थानाअंतर्गत खैरी गांव निवासी अरविंद कुमार सिंह का पुत्र राजीव कुमार है।वह फिलहाल मुक्तापुर जुट मिल क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था जो फरार है। सोमवार को पुलिस ने जिन तीन गिरफ्तारी अपराधियों को मीडिया के सामने पेश किया उसमें इस लूटकांड के मुख्य साजिश कर्ता ताजपुर थाना अंतर्गत हरिशंकरपुर बाघौनी के रामजी गुप्ता उर्फ द्वारिका गुप्ता का पुत्र मनोज साह उर्फ मनोज गुप्ता उर्फ शंभू साह उसकी पत्नी माधवी देवी और उजियारपुर थाना के महती गांव के अशर्फी राय का पुत्र सोनू राय शामिल है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने 17 लाख 80 हजार नगदी के अलावे 3 मोबाईल सेट, 3 मोटरसाईकिल (2 अलग-अलग नंबर प्लेट के साथ ), दो पिस्टल, एक सिक्सर, 27 कारतूस के साथ लूट में प्रयुक्त किए गये कपड़ा, बैग, जूता एवं थैला बरामद किया गया है। मुख्य साजिशकर्ता मनोज साह जिले के विभिन्न थानों के अलावे मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा के थाना क्षेत्रों में भी घटित कई कांडों के अभियुक्त है, जबकि सोनू राय के नाम उजियारपुर एवं मुफ़स्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज है। माधवी देवी पर आरोप है की वह अपने पति मनोज साह के द्वारा लूटे गए रुपए एवं हथियार रखने में सहयोगी की भूमिका अदा करती थी। ज्ञात हो की लूटकांड का मुख्य सूत्रधार नटवारलाल की तर्ज पर घटना को अंजाम देता था। उसकी पहचान तीन अलग-अलग नामों से होती थी। पुलिस को अभी तक उसके पाँच अलग अलग ठिकानों का पता चला है। वह हेलमेट लगाकर घर के अंदर जाता था और उसी स्थिति में बाहर भी आता था। इस कारण उसके पड़ोसी भी उसे पहचान नहीं पाते थे। इतना ही नही वह अलग अलग नम्बर प्लेट और अलग अलग मोबाईल नम्बरों का उपयोग करता था। अभी बीते दो साल से वह ताजपुर हरिशंकरपुर बाघौनी में स्थित अपने आवास में रह रहा था।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
समस्तीपुर । बीते 24 फरवरी को शहर के काशीपुर के लखना चौक स्थित एमके ट्रेडर्स के कर्मचारी से लगभग 32 लाख रुपये लूटकांड पर से पर्दा हटाते हुए पुलिस ने सोमवार को घटना का उदभेदन करते हुए नगद 17 लाख 80 हजार रुपए एवं अन्य सामानों के साथ कांड में संलिप्त एक महिला समेत कुल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
आदर्श नगर थाना पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पुलिस कप्तान विकास वर्मन ने बताया की इस कांड के बाद उनके नेतृत्व में 9 सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया गया था, जिसमें पुलिस उप कप्तान प्रितिश कुमार, नगर थानाध्यक्ष सीताराम प्रसाद, मुफ़स्सिल थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य, प्रभारी डीआईयू संजय कुमार, ताजपुर थानाध्यक्ष विश्वजीत कुमार, मथुरापुर ओपी थाना अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक संजय सिंह एवं सहायक अवर निरीक्षक रोहित कुमार सिंह को शामिल किया गया था।
वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विभिन्न स्थानों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना में शामिल अपराधी एवं लाईनर की पहचान की गयी। बंगाली टोला निवासी इंद्रेश तनेजा उर्फ जानी की पहचान लाईनर के रूप में की गयी थी, जिसे 4 मार्च को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जबकि एक दूसरा लाईनर जो खानपुर थानाअंतर्गत खैरी गांव निवासी अरविंद कुमार सिंह का पुत्र राजीव कुमार है।वह फिलहाल मुक्तापुर जुट मिल क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था जो फरार है। सोमवार को पुलिस ने जिन तीन गिरफ्तारी अपराधियों को मीडिया के सामने पेश किया उसमें इस लूटकांड के मुख्य साजिश कर्ता ताजपुर थाना अंतर्गत हरिशंकरपुर बाघौनी के रामजी गुप्ता उर्फ द्वारिका गुप्ता का पुत्र मनोज साह उर्फ मनोज गुप्ता उर्फ शंभू साह उसकी पत्नी माधवी देवी और उजियारपुर थाना के महती गांव के अशर्फी राय का पुत्र सोनू राय शामिल है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने 17 लाख 80 हजार नगदी के अलावे 3 मोबाईल सेट, 3 मोटरसाईकिल (2 अलग-अलग नंबर प्लेट के साथ ), दो पिस्टल, एक सिक्सर, 27 कारतूस के साथ लूट में प्रयुक्त किए गये कपड़ा, बैग, जूता एवं थैला बरामद किया गया है। मुख्य साजिशकर्ता मनोज साह जिले के विभिन्न थानों के अलावे मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा के थाना क्षेत्रों में भी घटित कई कांडों के अभियुक्त है, जबकि सोनू राय के नाम उजियारपुर एवं मुफ़स्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज है। माधवी देवी पर आरोप है की वह अपने पति मनोज साह के द्वारा लूटे गए रुपए एवं हथियार रखने में सहयोगी की भूमिका अदा करती थी। ज्ञात हो की लूटकांड का मुख्य सूत्रधार नटवारलाल की तर्ज पर घटना को अंजाम देता था। उसकी पहचान तीन अलग-अलग नामों से होती थी। पुलिस को अभी तक उसके पाँच अलग अलग ठिकानों का पता चला है। वह हेलमेट लगाकर घर के अंदर जाता था और उसी स्थिति में बाहर भी आता था। इस कारण उसके पड़ोसी भी उसे पहचान नहीं पाते थे। इतना ही नही वह अलग अलग नम्बर प्लेट और अलग अलग मोबाईल नम्बरों का उपयोग करता था। अभी बीते दो साल से वह ताजपुर हरिशंकरपुर बाघौनी में स्थित अपने आवास में रह रहा था।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट

