विधानसभा- लोकसभा में भी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिले- बुच्ची देवी
* महिला दिवस पर ऐपवा का जुलूस, धरना-सभी
* महिला मांगे शांति- न्याय- बहनापा- बंदना सिंह
* बढ़ते ब्लात्कार, भ्रूणहत्या, दहेज हत्या, महिला उत्पीड़न पर रोक लगे- रिंकी कुमारी ।
समस्तीपुर। 8 मार्च 2020
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को महिला संगठन ऐपवा के कार्यकर्ता जुलूस निकालकर मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर पहुंचकर धरना- सभा का आयोजन किया. अध्यक्षता ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने किया.
मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में आइसा से जुड़ी छात्राएं भी मौजूद रहीं. जिप सदस्य रिंकी कुमारी, जिप सदस्य बुच्ची देवी, नीलम देवी, मनीषा कुमारी, प्रिति कुमारी, जानबी राय, अर्चना कुमारी आदि ने सभा को संबोधित किया. अपने अध्यक्षीय भाषण में जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की संविधान विरोधी नागरिकता कानून की शिकार बड़ी संख्या में महिलाएं ही होंगी. इसीलिए इस कानून के खिलाफ जारी संघर्ष में महिलाओं को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं शांति, न्याय और बहनापा मांग रही हैं. उन्होंने भ्रूण हत्या, दहेज हत्या, बलात्कार, महिला उत्पीड़न की बेतहाशा बढ़ती घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने विधानसभा एवं लोकसभा समेत तमाम संस्थाओं में महिलाओं को 50% आरक्षण देने की मांग केंद्र सरकार से की।
ब्यूरो रिपोर्टअब्दुल कादिर
* महिला मांगे शांति- न्याय- बहनापा- बंदना सिंह
* बढ़ते ब्लात्कार, भ्रूणहत्या, दहेज हत्या, महिला उत्पीड़न पर रोक लगे- रिंकी कुमारी ।
समस्तीपुर। 8 मार्च 2020
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को महिला संगठन ऐपवा के कार्यकर्ता जुलूस निकालकर मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर पहुंचकर धरना- सभा का आयोजन किया. अध्यक्षता ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने किया.
मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में आइसा से जुड़ी छात्राएं भी मौजूद रहीं. जिप सदस्य रिंकी कुमारी, जिप सदस्य बुच्ची देवी, नीलम देवी, मनीषा कुमारी, प्रिति कुमारी, जानबी राय, अर्चना कुमारी आदि ने सभा को संबोधित किया. अपने अध्यक्षीय भाषण में जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की संविधान विरोधी नागरिकता कानून की शिकार बड़ी संख्या में महिलाएं ही होंगी. इसीलिए इस कानून के खिलाफ जारी संघर्ष में महिलाओं को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं शांति, न्याय और बहनापा मांग रही हैं. उन्होंने भ्रूण हत्या, दहेज हत्या, बलात्कार, महिला उत्पीड़न की बेतहाशा बढ़ती घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने विधानसभा एवं लोकसभा समेत तमाम संस्थाओं में महिलाओं को 50% आरक्षण देने की मांग केंद्र सरकार से की।
ब्यूरो रिपोर्टअब्दुल कादिर
