अध्यक्षता, संचालन एवं वक्ता तक महिलाएं ही रहीं काबिज * सत्याग्रह का 59 वां दिन
* महिला दिवस पर सत्याग्रह स्थल रहा महिलाओं के जिम्मे- बंदना सिंह
समस्तीपुर बिहार। 8 मार्च'20
नागरिकता कानून के खिलाफ समाहरणालय के समक्ष जारी सत्याग्रह आंदोलन स्थल रविवार को महिला दिवस पर पूरी तरह रहा महिलाओं के कब्जे में. इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला एवं छात्राएं उपस्थित रहीं. अध्यक्षता से लेकर संचालन एवं भाषण देने में सिर्फ महिलाएं ही शामिल रहीं.
मौके पर आहूत सभा की अध्यक्षता तीन सदस्यीये अध्यक्षमंडल के सदस्य क्रमशः महिला नेत्री बंदना सिंह, जिप सदस्य बुच्ची देवी एवं जिप सदस्य रिंकी कुमारी ने किया जबकि सभा की संचालन की जिम्मेदारी संभाले रहीं नासरीन अंजुम एवं मनीषा कुमारी. प्रिति कुमारी, जानवीं राय, नीलम देवी, दरखशा जबीं, सादिया जैनब, सनोवर परवीन, शबनम परवीन, शादांनाज, अशरबी खातुन, सादिया, कामिनी, शना समेत अन्य महिलाओं ने सभा को संबोधित किया.
सभा को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय भाषण में बंदना सिंह ने कहा कि नागरिकता कानून लाने वाले ये वहीं भाजपा- संघ वाले हैं जो भारतीय संविधान बदलकर मनुवादी संविधान लाकर फिर से महिलाओं को पैर की जूती बनाना चाहती है. सरकार आज महिलाओं के लिए भोजन, कपड़ा तय कर रही है. हमें ऐसी सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज कर आगामी चुनाव में सरकार को उखाड़ फेंकना होगा.
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
समस्तीपुर बिहार। 8 मार्च'20
नागरिकता कानून के खिलाफ समाहरणालय के समक्ष जारी सत्याग्रह आंदोलन स्थल रविवार को महिला दिवस पर पूरी तरह रहा महिलाओं के कब्जे में. इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला एवं छात्राएं उपस्थित रहीं. अध्यक्षता से लेकर संचालन एवं भाषण देने में सिर्फ महिलाएं ही शामिल रहीं.
मौके पर आहूत सभा की अध्यक्षता तीन सदस्यीये अध्यक्षमंडल के सदस्य क्रमशः महिला नेत्री बंदना सिंह, जिप सदस्य बुच्ची देवी एवं जिप सदस्य रिंकी कुमारी ने किया जबकि सभा की संचालन की जिम्मेदारी संभाले रहीं नासरीन अंजुम एवं मनीषा कुमारी. प्रिति कुमारी, जानवीं राय, नीलम देवी, दरखशा जबीं, सादिया जैनब, सनोवर परवीन, शबनम परवीन, शादांनाज, अशरबी खातुन, सादिया, कामिनी, शना समेत अन्य महिलाओं ने सभा को संबोधित किया.
सभा को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय भाषण में बंदना सिंह ने कहा कि नागरिकता कानून लाने वाले ये वहीं भाजपा- संघ वाले हैं जो भारतीय संविधान बदलकर मनुवादी संविधान लाकर फिर से महिलाओं को पैर की जूती बनाना चाहती है. सरकार आज महिलाओं के लिए भोजन, कपड़ा तय कर रही है. हमें ऐसी सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज कर आगामी चुनाव में सरकार को उखाड़ फेंकना होगा.
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
