*आखिर कब तक होता रहेगा पत्रकार संबंधी उत्पीड़न*
*भ्रष्टाचार की अांकठ में समाए क्षेत्राधिकारी चायल नहीं है उच्चाधिकारियों का खौफ*
*कौशाम्बी।**अवैध खनन को लेकर बदनाम चायल सर्किल क्षेत्र के तिल्हापुर घाट से प्रतिदिन करोड़ों रुपए कीमत की बालू निकासी होती है बताया जा रहा है सत्ता पक्ष में बैठे नेता के करीबियों के द्वारा बेखौफ तरीके से तिल्हापुर बालू घाट से अवैध खनन किया जा रहा है अवैध खनन से ओवर लोड बालू पिपरी ,चायल, पुरामुफ्ती होते हुए प्रयागराज जनपद की तरफ सैकड़ों की मात्रा में प्रतिदिन बेरोक टोक गाड़ियां पास कराई जाती है जिसमें क्षेत्राधिकारी चायल की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
सत्ता पक्ष सहित प्रशासन का भरपूर साथ मिल जाने से जनपद कौशाम्बी में खनन माफियाओं का रुतबा कई गुना बढ़ गया है अपराध एवं अपराधियों को रोकने के बजाय कलमकारों की आवाज दबाने में व्यस्त सरकारी नुमाइंदे जिससे उनकी भ्रष्टाचारी की पोल उजागर ना हो सके इसी कारणवश कौशाम्बी जिले में संगठित अपराध सर चढ़कर बोल रहा है परन्तु जब किसी पत्रकार ने संगठित अपराध एवं तिल्हापुर बालू घाट में हो रहे अवैध खनन समेत क्षेत्राधिकारी की भ्रष्टाचारी की पोल खोलने की आवाज बुलंद की है उस पत्रकार को सरकारी नुमाइंदे द्वारा विपक्ष को पार्टी बनकर झूठे मुकदमे में फंसाकर उसकी आवाज को दबा देने का नया आसान तरीका खोज निकाला है जिससे कलमकारों की आवाज दबी रहे और वह जो मन में आए वह करते रहें जो योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
काफी दिनों से तिल्हापुर बालू घाट से हो रहे प्रतिदिन करोड़ों रुपए की बालू निकासी को लेकर जब क्षेत्रीय लोगों के द्वारा अवैध खनन माफियाओं के विरुद्ध विरोध करने लगे तब विरोध कर रहे लोगों की आवाज बुलंद करने के लिए वरिष्ठ पत्रकार ब्यूरो प्रमुख जन संदेश टाइम्स सुशील केसरवानी अपनी धार दार कलमों से एक दिन अंतराल देकर तीन खबर लिखी जिस पर हरकत में आए शासन प्रशासन से क्षेत्राधिकारी चायल को खरी खोटी सुननी पड़ी जिससे झल्लाए क्षेत्राधिकारी चायल ने सोची समझी साजिश के तहत विपक्ष से मिलकर निष्पक्ष लेखनी के लिए पहचान बना चुके तेज तर्रार पत्रकार सुशील केसरवानी को फर्जी मुकदमें में फंसाकर उनकी कलम की आवाज को दबा देना चाहते हैं जिससे कौशाम्बी जिले भर के पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है और अब प्रशासन से आर पार की लड़ाई होना तय माना जा रहा है
*मोहम्मद साबिर*
