कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ का गबन
प्रयागराज
कोटक महिंद्रा बैंक में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। सिविल लाइंस ब्रांच के अफसर ने बैंक के एक अधिकारी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 9 करोड़ 46 लाख 27 हजार 500 रुपये गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस इस मामले की जांच में लगी है। इससे पूर्व पिछले साल सुलेमसराय स्थित बैंक ऑफ इंडिया में करोड़ों रुपये गबन का मामला सामने आया था, जिसमें चेस्ट इंचार्ज जेल गया था।
सिविल लाइंस स्थित कोटक महिंद्रा के ब्रांच मैनेजर अमित मालवीय ने बैंक के सेवा प्रदाता अधिकारी एसडीओ अंशुमान दुबे के खिलाफ अमानत में खयानत और ठगी करने का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 4 अप्रैल 2020 को बैंक को पता चला कि अंशुमान दुबे ने 9.46 करोड़ का गबन किया है। प्रारंभिक जांच में ई-मेल से सूचित किया गया कि कोटक महिंद्रा बैंक में चेस्ट बॉक्स न होने के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा की खुल्दाबाद शाखा में खाता है, जो की मुद्रा प्रकोष्ठ खाते के रूप में उपयोग होता है।
कुछ माह से खाते का मिलान नहीं हो पा रहा है। इसकी जांच कर कार्रवाई करें। बैंक ने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि अंशुमान दुबे बैंक ऑफ बड़ौदा मुद्रा प्रकोष्ठ को कैश भेजने की जिम्मेदारी निभा रहे थे। बैंक अधिकारियों ने अंशुमान दुबे से पूछताछ की तो उन्होंने गबन की बात स्वीकार की और यह भी बताया कि उक्त धनराशि डेढ़ साल में बैंक में न जमा करके उन्होंने अपने कुछ परिचितों को ब्याज पर दे दी है। ऐसे में अंशुमान के खिलाफ बैंक की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। इस प्रकरण में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि बैंक की आंतरिक जांच अभी चल रही है। बयान और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट मोहम्मद साबिर
कोटक महिंद्रा बैंक में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। सिविल लाइंस ब्रांच के अफसर ने बैंक के एक अधिकारी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 9 करोड़ 46 लाख 27 हजार 500 रुपये गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस इस मामले की जांच में लगी है। इससे पूर्व पिछले साल सुलेमसराय स्थित बैंक ऑफ इंडिया में करोड़ों रुपये गबन का मामला सामने आया था, जिसमें चेस्ट इंचार्ज जेल गया था।
सिविल लाइंस स्थित कोटक महिंद्रा के ब्रांच मैनेजर अमित मालवीय ने बैंक के सेवा प्रदाता अधिकारी एसडीओ अंशुमान दुबे के खिलाफ अमानत में खयानत और ठगी करने का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 4 अप्रैल 2020 को बैंक को पता चला कि अंशुमान दुबे ने 9.46 करोड़ का गबन किया है। प्रारंभिक जांच में ई-मेल से सूचित किया गया कि कोटक महिंद्रा बैंक में चेस्ट बॉक्स न होने के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा की खुल्दाबाद शाखा में खाता है, जो की मुद्रा प्रकोष्ठ खाते के रूप में उपयोग होता है।
कुछ माह से खाते का मिलान नहीं हो पा रहा है। इसकी जांच कर कार्रवाई करें। बैंक ने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि अंशुमान दुबे बैंक ऑफ बड़ौदा मुद्रा प्रकोष्ठ को कैश भेजने की जिम्मेदारी निभा रहे थे। बैंक अधिकारियों ने अंशुमान दुबे से पूछताछ की तो उन्होंने गबन की बात स्वीकार की और यह भी बताया कि उक्त धनराशि डेढ़ साल में बैंक में न जमा करके उन्होंने अपने कुछ परिचितों को ब्याज पर दे दी है। ऐसे में अंशुमान के खिलाफ बैंक की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। इस प्रकरण में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि बैंक की आंतरिक जांच अभी चल रही है। बयान और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट मोहम्मद साबिर
