कोरोना मामले में केंद्र सरकार को केरल से सीख लेनी चाहिए संजय नायक
समस्तीपुर ।
समस्तीपुर युवा राजद के जिला मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि "प्रधान सेवक टीवी के पचास कैमरों के सामने एक नर्स से सलाह लेते हैं। कोरोना कैसे खत्म किया जाए इसके लिए उसका एक्सपीरियंस पूछते हैं। लेकिन केरल राज्य जिसने कोरोना पर नियंत्रण करके पूरी दुनिया के सामने एक सक्सेजफुल मॉडल खड़ा कर दिया, उस राज्य के एक्सपीरियंस जानने में प्रधानसेवक की कोई दिलचस्पी नहीं है। न ही उन्हें अपनी टीम में शामिल करने की कोई इच्छा है। लेकिन टीवी कैमरे के आगे नर्स, ड्राइवर, बच्चे,चाय बनाने वाले, गो मूत्र पीने वाले, लिंचिंग करने वाले सबके एक्सपीरियंस जानने होते हैं। लेकिन अपने ही एक राज्य के मॉडल के बारे में नहीं जानेंगे......
मार्च 24 तारीख की रात प्रधान सेवक ने देशव्यापी ब्लॉक दान की घोषणा की थी जबकि कोरोना के 96 मामलों के साथ केरल पूरे देश में पहले नम्बर पर था। तब अंदाजा लगाया जा रहा था कि केरल राज्य पर महामारी की आपदा को कैसे झेल
पाएगा। लेकिन लॉकडाउन के खत्म होने से पहले ही केरल ने पूरे देश के सामने एक ऐसा मॉडल पेश किया जिसके आगे बाकी मॉडल फर्जी साबित हो गए। संजय नायक यहीं नहीं रुके उन्होंने प्रधान सेवक पर तंज कसते हुए कहा
केरल वही राज्य है जहां देश की सबसे अधिक साक्षरता दर है, जहां के हॉस्पिटल्स बाकी देश के मुकाबले सबसे बेहतर हैं, जहां की लड़कियां सबसे अधिक पढ़ी लिखी हैं. इसका कारण है कि वहां मजदुरों, किसानों, रोजगारी के मुद्दे पर सरकार चुनी जाती है। लेकिन आरएसएस ने केरल के बारे में व्हाट्सएप और आईटी सेल के माध्यम से एक अलग ही तस्वीर आपके बीच बनाई हुई है।
उन्होंने लोगों से भी गुजारिश की
शिक्षा और विज्ञान के मॉडल के आगे धर्म का मॉडल आज नतमस्तक है। चूंकि इलाज मंदिर-मस्जिदों में नहीं अस्पतालों में होता है...।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
