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, सांप्रदायिकता और हिंसा के खिलाफ ऐपवा का एकदिनी अनशन संपन्न




 अपने उपर हो रहे जुल्म के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद करें महिलाएं---- ऐपवा


बेसहारा, वृद्ध, बीमार, विकलांग महिलाओं को बिना कार्ड भी राशन, राशि दें सरकार --- नीलम


समस्तीपुर 

21 अप्रैल '2020
कोरोना महामारी में भूखप्रेस रिलीज-
भूख, सांप्रदायिकता और हिंसा के खिलाफ ऐपवा का एकदिनी  अनशन संपन्न- बंदना सिंह
 अपने उपर हो रहे जुल्म के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद करें महिलाएं- ऐपवा
बेसहारा, वृद्ध, बीमार, विकलांग महिलाओं को बिना कार्ड भी राशन, राशि दें सरकार - नीलम
समस्तीपुर, 21 अप्रैल 2020
कोरोना महामारी में भूख, सांप्रदायिकता और महिलाओं पर जारी हिंसा के खिलाफ महिला संगठन ऐपवा के बैनर तले राष्ट्रीय अह्वान के तहत मंगलवार को शहर के विवेक-विहार मुहल्ला में ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह के नेतृत्व में एकदिनी अनशन किया गया. बंदना सिंह के अलावे ऐपवा राज्य कार्यकारिणी सदस्य नीलम देवी, आइसा के स्तुति सिंह भी अनशन आंदोलन में शरीक रहीं.
 

मौके पर चर्चित महिला अधिकार नेत्री श्रीमती सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भूख एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है. बगैर पूर्व तैयारी किये सरकार लाकडाउन लागू कर दी. उन्होंने कहा कि जानबूझकर इस महामारी के दौर में भी सांप्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है. कोरोना के बहाने समुदाय विशेष को टारगेट किया जा रहा है जो अनुचित है. हर समुदाय में अच्छे और खराब लोग होते हैं. महिला नेत्री ने कहा कि इस दौर में भी महिलाओं पर घर के अंदर एवं बाहर हिंसा जारी है. इसका प्रतिकार महिलाओं को स्वंय आगे आकर करना होगा. उन्होंने कहा कि बैंक, आफिस,खेत- खलिहान से लेकर डीलर तक महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है. उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता है. कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण की खबरें आती रही हैं. सरकार खूद लिंग परीक्षण कानून को कमजोर कर रही है. इससे बेटियों की भ्रूणहत्या में और इजाफा होगा. इस पर रोक लगनी चाहिए.
श्रीमती सिंह ने कहा कि लाकडाउन संकट में वृद्ध, बेसहारा, विकलांग, बीमार महिलाओं को बगैर कार्ड का भी राशन, राशि सरकार को देनी चाहिए.
  ऐपवा राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह माले नेत्री नीलम देवी ने कहा कि रविवार को शहर में पुलिस सम्मान समारोह के बहाने सैकड़ों लोगों को बिना मास्क जुटाकर आजाद चौक से आभरब्रीज तक जुलूस निकालने वाले दीनबंधु संस्था समेत तमाम दोषियों पर सरकार कानूनी कारबाई कर लाकडाउन को सफल पूरी तरह सफल बनाने के लिए आमजनों के बीच समान रूप से प्रचार- प्रसार करें. सांप्रदायिकता और महिलाओं पर जारी हिंसा के खिलाफ महिला संगठन ऐपवा के बैनर तले राष्ट्रीय अह्वान के तहत मंगलवार को शहर के विवेक-विहार मुहल्ला में ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह के नेतृत्व में एकदिनी अनशन किया गया. बंदना सिंह के अलावे ऐपवा राज्य कार्यकारिणी सदस्य नीलम देवी, आइसा के स्तुति सिंह भी अनशन आंदोलन में शरीक रहीं.
  मौके पर चर्चित महिला अधिकार नेत्री श्रीमती सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भूख एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है. बगैर पूर्व तैयारी किये सरकार लाकडाउन लागू कर दी. उन्होंने कहा कि जानबूझकर इस महामारी के दौर में भी सांप्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है. कोरोना के बहाने समुदाय विशेष को टारगेट किया जा रहा है जो अनुचित है. हर समुदाय में अच्छे और खराब लोग होते हैं. महिला नेत्री ने कहा कि इस दौर में भी महिलाओं पर घर के अंदर एवं बाहर हिंसा जारी है. इसका प्रतिकार महिलाओं को स्वंय आगे आकर करना होगा. उन्होंने कहा कि बैंक, आफिस,खेत- खलिहान से लेकर डीलर तक महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है. उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता है. कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण की खबरें आती रही हैं. सरकार खूद लिंग परीक्षण कानून को कमजोर कर रही है. इससे बेटियों की भ्रूणहत्या में और इजाफा होगा. इस पर रोक लगनी चाहिए.
श्रीमती सिंह ने कहा कि लाकडाउन संकट में वृद्ध, बेसहारा, विकलांग, बीमार महिलाओं को बगैर कार्ड का भी राशन, राशि सरकार को देनी चाहिए.
  ऐपवा राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह माले नेत्री नीलम देवी ने कहा कि रविवार को शहर में पुलिस सम्मान समारोह के बहाने सैकड़ों लोगों को बिना मास्क जुटाकर आजाद चौक से आभरब्रीज तक जुलूस निकालने वाले दीनबंधु संस्था समेत तमाम दोषियों पर सरकार कानूनी कारबाई कर लाकडाउन को सफल पूरी तरह सफल बनाने के लिए आमजनों के बीच समान रूप से प्रचार- प्रसार करेंगे।


समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट