महामारी को धार्मिक रंग देना लोकतंत्र के लिए दुखद:
समस्तीपुर ।
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव कमरे आलम ने एक बयान जारी कर कहा कि कोरोना संक्रमण के लिए किसी खास धर्म और समुदाय को जिम्मेदार ठहराना ओछी राजनीति की पराकाष्ठा है कोरोना एक वैश्विक महामारी है चीन ,ईरान आदि देशों ने कोरोना पर विजय हासिल की है उस देश में भी कई धर्मो के लोग साथ साथ रहते है लेकिन इस तरह की धार्मिक टीका टिप्पणी की खबर कहीं से नहीं आयी।
इस महामारी की विभीषिका से सम्पूर्ण देश चिंतित है सभी देशवासी लॉक डॉउन के नियमों का निष्ठापूर्वक पालन कर रहे है और उम्मीद है कि भारत इस मुश्किल हालात से सफलतापूर्वक बाहर आएगा। अपने नेता आदरणीय तेजस्वी यादव के करोना से लड़ाई के लिए इच्छाशक्ति दिखाई है वह अपने आप में नजीर हैं साथ ही उन्होंने हर स्तर के नेताओ कार्यकर्ताओं को सामर्थ के अनुसार इस मुश्किल घड़ी में मजदूरों,रिक्शा ठेला चलाकर गुजारा करने वाले परिवारों का मदद करने का आह्वान किया इस मुद्दे को उन्होंने राजनीति से परे रखकर अपने नेताओं को सीधे मुख्यमंत्री सहायता योजनाओं में मदद के तेजस्वी यादव के निर्देशों की भूरी भूरी प्रशंसा की। मीडिया का ध्यान भी आकृष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जिम्मेदारी को वह समझे नहीं तो लोकतंत्र धराशाई हो जाएगा।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट