वन आरक्षी धांधली मे कही ना कही सरकार के प्रतिनिधि भी सामिल हैं यूकेडी डेमोक्रेटिक
यूकेडी डेमोक्रेटिक के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी इंजीनियर डीपीएस रावत ने कड़ी आलोचना करते हुये कहा कि। आज जो राज्य मे बेरोजगार घूम रहे हैं उनके साथ सरकार ने खिलवाड़ किया हैं । कड़ी मेहनत करने के बाद आज बेरोजगार सड़को मे अपने हक़ के लिये घूम रहे हैं जब सरकार अपने फायदे के लिये बिक सकती हैं तो । पिछ्ले 19 सालों से भी बीजेपी कांग्रेस का शाषन रहा हैं, कही ना कही सभी सरकारी भरतियों मे सरकार सामिल रही होगी, सरकार को इस कांड पर सीबीआई से निष्पक्ष जांच करवानी चाहिये और कड़ी से कड़ी कारवाई करनी चाहिये।
उत्तराखण्ड मे जब पहले मुख्यमंत्री ने भी सपत ली थी उस समय भी यूपी दिल्ली हरियाणा के के लोगो ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर आज सरकारी पदो मे नोकरी कर रहे हैं क्या सरकार उस पर भी करवाई करेगी !!!!
बेरोजगार संघ के युवा अध्यक्ष श्री बोबी पवार ने भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई हैं और देहरादुन मे 2 महीने से धरना पर बैठे हैं उनका कहना हैं
16 फरवरी 2020 को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा वन आरक्षी परीक्षा संपन्न कराई गई जिस परीक्षा में 156000 अभ्यार्थियों द्वारा परीक्षा फार्म भरा गया और लगभग 100000 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी इस परीक्षा में काफी अनियतमितताएं पाई गई परीक्षा के दौरान 80 परसेंट परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन का दुरुपयोग किया गया इस परीक्षा के दौरान कई ओएमआर सीटें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिससे कि यह साबित होता है कि परीक्षा में बहुतयत
मात्रा में धांधली हुई है जोकि बेरोजगारों के साथ एक छलावा है उत्तराखंड के बेरोजगार संघ बेरोजगार लोगों की यह मांग है कि इस परीक्षा को रद्द कर दोबारा 100 दिनों के अंदर पूर्ण पारदर्शिता के साथ परीक्षा संपन्न कराई जाए
डीपीएस रावत की रिपोर्ट
