बाहर फंसे बिहारी छात्रों और मज़दूरों को राज्य सरकार द्वारा अनदेखा करने के खिलाफ़ कल 22 अप्रैल को एक हज़ार बिहारी छात्र करेंगे भुख हड़ताल
22 अप्रैल को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक अपने अपने घरों में भुख हड़ताल कर बिहारी मज़दूरों और छात्रों को अपने राज्य लाने की मांग का करें समर्थन
ताजपुर /समस्तीपुर
कोरोना संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा देश भर में 3 मई तक के लिए लॉक डाउन लागु किया गया है जिस कारण देश भर में विभिन्न राज्यों के प्रवासी मज़दूर व छात्र फंसे हुए हैं. कई सारी रज्य सरकारों ने पहल करते हुए अपने लोगों को गृह राज्य वापस बुला लिया है परंतु इस दिशा में बिहार सरकार की कोई पहल नहीं दिख रही जिसको लेकर बिहारी छात्रों में काफ़ी आक्रोश है. सोशल मीडिया अपिल कर के थक चुके छात्रों ने जब बात बनती नहीं देखी तो अब वे 22 अप्रैल को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक के लिए 12 घंटे का भुख हड़ताल कर रहे हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र नेता व 'आप' की छात्र विंग 'सीवाईएसएस' के राज्य प्रभारी सादिक़ रज़ा ने मीडिया के माध्यम से छात्रों से अपिल किया है कि बिहारी छात्रों एवं मज़दूरों को बिहार लाने की मांग के समर्थन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने अपने घरों में 12 घंटे का भुख हड़ताल करें. रज़ा ने बताया है कि बिहार भर के लगभग 1000 छात्र राज्य सरकार के अमानवीय रवैया के खिलाफ़ कल भुख हड़ताल पर बैठेंगे।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर की रिपोर्ट
