मात्र एक आइसोलेशन सेंटर में चल रहा सात मरीजों का इलाजशेष अन्य आइसोलेशन सेंटरों से भाग गए बाहर से आने वाले
समस्तीपुर/मोरवा
प्रखंड के एकमात्र मोरवा उत्तरी आइसोलेशन सेंटर में सात मरीजों का इलाज जारी है। इनमें सभी दिल्ली एवं कोलकाता से आने वालों को सुरक्षित जांच के लिए रखा गया है।इस आइसोलेशन सेंटर में रहने वाले दिल्ली एवं कोलकाता से आने वाले लोग बताए गए हैं।इन्हें मुखिया के द्वारा पंचम वित्त आयोग से प्राप्त राशि के द्वारा दो वक्त का भोजन एवं दो वक्त का नाश्ता कुल चार बार खिलाया जाता है। दो बार चाय भी दी जाती है।
आइसोलेशन सेंटर में मरीजों की हर सुविधा का ख्याल रखते हुए बिजली एवं जेनरेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा नहीं हो।इस प्रकार मोरवा प्रखंड के 18 पंचायतों में कुल 18 आइसोलेशन सेंटर बनाए गए।जबकि एकमात्र आइसोलेशन सेंटर मोरवा उत्तरी पंचायत में चल रहा है। अन्य सभी पंचायतों के आइसोलेशन सेंटरों से बाहर से आकर रहने वाले लोग घर भाग गए हैं। मुखिया मधु देवी के अनुसार आइसोलेशन सेक्टर में सभी मरीजों के लिए खाने पीने की सुविधा सहित सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। चिकित्सकों की देखरेख में जांच की जाती है। रहने वाले लोगों को किसी भी प्रकार का कोई कष्ट नहीं है। उनकी हर सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी शिवशंकर राय के अनुसार सभी पंचायतों के आइसोलेशन सेंटरों में बाहर से आने वालों को रखा गया था। मोरवा उत्तरी पंचायत के सिवाअन्य किसी भी आइसोलेशन सेंटर में खाने पीने की सुविधा के बावजूद लोग रहने को तैयार नहीं हुए। अब तक किसी मरीज की जांच में पॉजिटिव नहीं पाया गया है। इसीलिए किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर
प्रखंड के एकमात्र मोरवा उत्तरी आइसोलेशन सेंटर में सात मरीजों का इलाज जारी है। इनमें सभी दिल्ली एवं कोलकाता से आने वालों को सुरक्षित जांच के लिए रखा गया है।इस आइसोलेशन सेंटर में रहने वाले दिल्ली एवं कोलकाता से आने वाले लोग बताए गए हैं।इन्हें मुखिया के द्वारा पंचम वित्त आयोग से प्राप्त राशि के द्वारा दो वक्त का भोजन एवं दो वक्त का नाश्ता कुल चार बार खिलाया जाता है। दो बार चाय भी दी जाती है।
आइसोलेशन सेंटर में मरीजों की हर सुविधा का ख्याल रखते हुए बिजली एवं जेनरेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा नहीं हो।इस प्रकार मोरवा प्रखंड के 18 पंचायतों में कुल 18 आइसोलेशन सेंटर बनाए गए।जबकि एकमात्र आइसोलेशन सेंटर मोरवा उत्तरी पंचायत में चल रहा है। अन्य सभी पंचायतों के आइसोलेशन सेंटरों से बाहर से आकर रहने वाले लोग घर भाग गए हैं। मुखिया मधु देवी के अनुसार आइसोलेशन सेक्टर में सभी मरीजों के लिए खाने पीने की सुविधा सहित सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। चिकित्सकों की देखरेख में जांच की जाती है। रहने वाले लोगों को किसी भी प्रकार का कोई कष्ट नहीं है। उनकी हर सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है।प्रखंड विकास पदाधिकारी शिवशंकर राय के अनुसार सभी पंचायतों के आइसोलेशन सेंटरों में बाहर से आने वालों को रखा गया था। मोरवा उत्तरी पंचायत के सिवाअन्य किसी भी आइसोलेशन सेंटर में खाने पीने की सुविधा के बावजूद लोग रहने को तैयार नहीं हुए। अब तक किसी मरीज की जांच में पॉजिटिव नहीं पाया गया है। इसीलिए किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर