फांसी लगाकर की आत्महत्या, लॉकडाउन के चलते डिप्रेशन में चल रहे कारोबारी के पुत्र
प्रयागराज :
लाकडाउन की वजह से प्रेशर में चल रहे लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। क्षेत्र के चर्चित कारोबारी के बेटे ने बीती रात घर में दुपट्टे के फंदे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घरवालों का कहना है कि लॉकडाउन में व्यापार ठप होने और मार्केट में फंसा पैसा वापस न मिलने की वजह से वह डिप्रेशन में चल रहा था। इसको लेकर घर में झगड़ा भी होता था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेज दिया। उसके इस कदम से परिवार में मातम छाया हुआ है।
नैनी क्षेत्र चकदोंदी निवासी देशराज केशरी क्षेत्र के बड़े कारोबारी हैं। उनकी नैनी मेवालाल बगिया चौराहे के समीप स्थित एक बड़ी बिल्डिंग है, जिसमें हार्डवेयर एवं फर्नीचर का शोरूम है। उसी बिल्डिंग में दो बैंकों समेत कई अन्य कारोबारियों की ऑफिस है। देशराज केशरी ने दो शादियां की हैं। दोनों पत्नियों से दो-दो बेटे हैं। पहली पत्नी अपने बेटों के साथ मुक्ता बिहार कालोनी, पीडीए, नैनी में रहती है और दूसरी पत्नी का परिवार क्षेत्र के चकदोंदी मोहल्ले में बने मकान में रहता है। दूसरी पत्नी का छोटा बेटा गौरव केशरी (32) नैनी के दाउद नगर में हार्डवेयर का कारोबार देखता था। उसकी शादी पूर्णिमा केशरी से हुई थी। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी लाली पांच वर्ष की और बेटा वंश साढ़े तीन साल का है।
शनिवार रात वह अपने कमरे पंखे में दुपट्टे के सहारे फ ांसी के फं दे पर झूल गया। पत्नी पूर्णिमा खाना लेकर कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। कमरे के बाहर लगी शीशे की खिड़की से पूर्णिमा ने झांक कर देखा तो वह गौरव फंदे पर लटक रहा था। जिसे देखकर पूर्णिमा के होश उड़ गए। उसने घरवालों को बताया। आनन-फानन में पहुंचे परिजनों ने पुलिस की मदद से दरवाजे पर लगा शीशा तोड़कर कुंडी खोला।
उसके बाद गौरव को फंदे से नीचे उतारा। उस वक्त गौरव की सांसे चल रहीं थीं। पुलिस ने परिजनों की मदद से उसे इलाज के लिए आनन-फानन मे एसआरएन अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। चौकी प्रभारी जेल
रोड दिवाकर सिंह ने बताया कि गौरव के पिता देशराज ने तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से पहले मार्केट में काफी रुपये बांट दिए थे। धंधा भी बंद था, जिससे वह डिप्रेशन में चल रहा था।
रिपोर्ट मोहम्मद साबिर
