TOP NEWS

हर खबर आप तक, केवल आजतक 24 न्यूज पर, |    हर खबर आप तक, केवल आजतक 24 न्यूज पर,​ |    हर खबर आप तक, केवल आजतक 24 न्यूज पर, |   

नियोजित शिक्षकों के तीन माह से वेतन न मिलने से भुखमरी की हालत


ताजपुर /समस्तीपु   । 11 अप्रैल 2020


         एक तरफ लॉक डाउन की मार, दूसरी तरफ तीन माह से वेतन न मिलना बिहार सरकार के अमानवीय कृत्य को उजागर कर रही है। बता दें कि इस विषम प्रस्तिथि में भी बिहार के नियोजित शिक्षकों को वेतन न मिलने से भुखमरी की हालत बनी हुई है। वेतन के कारण नियोजित शिक्षकों की परेशानियों को देख, उनका पक्ष रखते हुए शनिवार को भीआईपी जिलाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने कहा कि लॉक डाउन के विषम प्रस्तिथि में भी नियोजित शिक्षकों को लगभग तीन माह से वेतन नही मिल रहा है, जबकि माननीय प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि इस कोरोना महामारी और लॉक डाउन के दौरन किसी भी कर्मी का वेतन नहीं रोका जाएगा, चाहे वह कार्यालय जाए अन्यथा न जाय।


लेकिन बिहार सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश को भी दरकिनार किया गया और नियोजित शिक्षकों का तीन माह से वेतन रोक दिया गया। वेतन रुकने से नियोजित शिक्षकों में भुखमरी की हालत बनी हुई है। शिक्षक हड़ताल में रहते हुए भी अपनी मानवीय धर्म और नैतिक कर्तव्य को सर्वोपरि स्थान देते हुए अपने जान का परवाह किए बिना वार्ड स्तर पर जाकर कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं और लोगों से लॉक डाउन का पालन करने के लिए अपील कर रहे हैं।                                                                                                                           






सरकार के इस अमानवीय कृत्य से भुखमरी को झेलते हुए एवं परिवार के भोजन, दवा की व्यवस्था में आर्थिक संकट होने के कारण सूबे के 42  शिक्षक अपना प्राण गवा बैठे हैं। आखिर सरकार और कितने शिक्षकों की जान लेंगे? अब तो इस तरह की संवेदनहीन स्थिति पैदा न करें और शिक्षक/शिक्षिकाओं के वेतन अविलम्ब भुगतान करते हुए उनके मांगों को पूर्ति की दिशा में सकारात्मक पहल करें।


 अब्दुल कादिर