देश के एक बड़ी आबादी के सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है - - - - सुमित यादव
समस्तीपुर
समस्तीपुर युवा राजद जिला महासचिव सुमित यादव ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मध्यमवर्ग, उच्च मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के छोटे हिस्से के पास वो तमाम संसाधन हैं जिससे वह लॉक डाउन (3 मई) तक आराम से अपना समय काट पाएंगे पर देश की एक बड़ी आबादी जो रोज कुआं खोदती है, रोज पानी पीती है, उसके सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है। सरकार ने लॉक डाउन डिक्लेअर करके अपना पल्ला झाड़ लिया है
और देश के गरीबों के लिए कुछ नहीं किया है। बहुत सारे प्रवासी मजदूर देश के अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं और उनके पास किसी होटल, चाल में रुकने के पैसे नहीं है। ऐसी परिस्थिति में हमें लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाना होगा और जहां तक संभव हो सके अपने आसपास के मजदूरों मेहनतकशों की मदद करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह सब करते हुए हमें कोरोना से अपना और दूसरों का बचाव करने के सारे साधन इस्तेमाल करने होंगे। उन्होंने नीतीश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसी सरकार अपने राज्य के मजदूरों के लिए स्पेशल बस और ट्रेन मुहैया कर विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों को अपने घर वापस बुला रही है जबकि नीतीश सरकार किसी तरह का आश्वासन से भी परहेज कर रही है जो उनकी नाकामी को स्पष्ट करता है।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर
समस्तीपुर युवा राजद जिला महासचिव सुमित यादव ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मध्यमवर्ग, उच्च मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के छोटे हिस्से के पास वो तमाम संसाधन हैं जिससे वह लॉक डाउन (3 मई) तक आराम से अपना समय काट पाएंगे पर देश की एक बड़ी आबादी जो रोज कुआं खोदती है, रोज पानी पीती है, उसके सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है। सरकार ने लॉक डाउन डिक्लेअर करके अपना पल्ला झाड़ लिया है
और देश के गरीबों के लिए कुछ नहीं किया है। बहुत सारे प्रवासी मजदूर देश के अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं और उनके पास किसी होटल, चाल में रुकने के पैसे नहीं है। ऐसी परिस्थिति में हमें लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाना होगा और जहां तक संभव हो सके अपने आसपास के मजदूरों मेहनतकशों की मदद करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह सब करते हुए हमें कोरोना से अपना और दूसरों का बचाव करने के सारे साधन इस्तेमाल करने होंगे। उन्होंने नीतीश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसी सरकार अपने राज्य के मजदूरों के लिए स्पेशल बस और ट्रेन मुहैया कर विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों को अपने घर वापस बुला रही है जबकि नीतीश सरकार किसी तरह का आश्वासन से भी परहेज कर रही है जो उनकी नाकामी को स्पष्ट करता है।
समस्तीपुर से अब्दुल कादिर
